एयर स्ट्राइक 2019: एयर फोर्स के टारगेट पर था जैश-लश्कर मुख्यालय, लेकिन फिर बदला प्लान

इन क्षेत्रों में घनी आबादी और हमले के बाद पाकिस्तानी वायुसेना की ओर से जवाबी कार्रवाई से बड़ी संख्या में आम लोगों के मारे जाने की आशंका को देखते हुए इस योजना में बदलाव किया गया

नई दिल्ली।

भारत के एयर स्ट्राइक के निशाने पर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय थे, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया.

सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना के एयरस्ट्राइक को पहले बहावलपुर स्थित मुख्यालय जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मुख्यालय को तबाह करना था,

लेकिन इन क्षेत्रों में घनी आबादी और हमले के बाद पाकिस्तानी वायुसेना की ओर से जवाबी कार्रवाई से बड़ी संख्या में आम लोगों के मारे जाने की आशंका को देखते हुए इस योजना में बदलाव किया गया. योजना में बदलाव के बाद बालाकोट को एकमात्र लक्ष्य बनाया गया.

पाक के मानेसरा जिले में स्थित बालाकोट कैंप में बहावलपुर और मुरिदके की तुलना में कम आबादी रहती है और यहां पर हमले में आम लोगों के हताहत होने की संभावना भी काफी कम थी. चूंकि बालाकोट कैंप एक पहाड़ी पर बनाया गया था और एयर स्ट्राइक से आम लोगों की जान-माल को खतरा कम था.

सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने अपने ऑपरेशन को बेहतर तरीके से अंजाम दिया. वायुसेना (आईएएफ) के 2 फाइटर जेट ने लाहौर-स्यालकोट बॉर्डर और ओकारा-बहावलपुर सेक्टर पर पाकिस्तानी वायुसेना को उलझाए रखा. जबकि एक तीसरा जेट पाकिस्तान अधिकृत सीमा केरान-अथामुकम बॉर्डर पर उड़ता रहा.

भारतीय वायुसेना ने केरान से उनकी सीमा में प्रवेश करने के लिए पाकिस्तानी वायुसेना (पीएएफ) को 3 जगहोंसे घेरे रखा था.

Back to top button