छत्तीसगढ़

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में छाया रहा अजीत जोगी की फर्जी जाति का मुद्दा

रायपुर : छत्तीसगढ़ के कोरबा में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शनिवार को पेश किए गए राजनीतिक प्रस्ताव में अजीत जोगी की फर्जी जाति का मुद्दा छाया रहा. कार्यसमिति की बैठक में कुल 225 में से 21 सदस्य किन्हीं कारणोंवश अनुपस्थित रहे हैं।

राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए नगरीय निकाय व कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही सत्ता की लालसा में देश भर में जाति और वर्ग आधारित नकारात्मक राजनीति को प्रोत्साहित किया.

छत्तीसगढ़ बनने के बाद से ही आदिवासियों के साथ छल किया. अमर अग्रवाल ने अजीत जोगी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जिन्होंने आदिवासी होने का फर्जी प्रमाण पत्र रखने का अपराध किया है.

कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व भी उस व्यक्ति का पिछलग्गू बना बैठा था. कालिख पोतने वाला फर्जी आदिवासी को हाईपावर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बेनकाब किया है. हाईपावर कमेटी ने ये तय कर दिया कि अजीत जोगी फर्जी आदिवासी हैं. रिपोर्ट के बाद ये तय हो गया कि कांग्रेस बोलती कुछ और है करती कुछ और है.

अमर अग्रवाल ने आबकारी नीति को लेकर भी सरकार के फैसले की तारीफ की. नई आबकारी नीति लागू होने से प्रदेश भर के गांवों का दृश्य बदल गया है. महिलाएं खुश हैं. अपराध के ग्राफ में कमी आई है. 95 फीसदी गांवों में शराब दुकान नहीं है.

कोचियो की वजह से शराब पहुंचता था, लेकिन अब वह भी बंद हो गया है. राजनीतिक प्रस्ताव के दौरान किसानों का भी मुद्दा उठा. अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में तमाम दुष्प्रचारों के बावजूद किसानों का भरोसा बीजेपी सरकार के प्रति कायम है.

किसान सहकारी समितियों में हुए हालिया चुनाव में 80 फीसदी स्थानों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार चुनकर आये हैं. कार्यसमिति ने सुकमा में हुए नक्सल हमले में शहीद हुए जवानों को भी श्रंद्धांजलि दी.

बूथ जीतो चुनाव जीतो- प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में पूरा फोकस चुनाव पर रहा। चुनवी मुद्दों व आने वाले विधानसभा चुनाव के विषय मे भी रणनीति पर चर्चा की गई।
पार्टी द्वारा बूथ जीतो चुनाव जीतो का नारा दिया गया। सभी पदाधिकारियों से कहा गया कि हर हाल में बूथ लेवल पर मजबूत कार्य होने चाहिए। बूथ स्तर पर पूरी ताकत झोंकनी होगी।

फोटो खींचो और तुरंत करो अपलोड- प्रशासनिक आयोजनो में पार्टी के छुटभैये नेताओं को ज्यादा मौका नहीं मिलता। लेकिन प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पार्टी का आयोजन होने की वजह से इंतजाम के लिए जिले के सभी मोर्चा, प्रकोष्ठों के छोटे-बड़े पदाधिकारियों को व्यवस्था में लगाया गया है।

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