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एके एंटनी ने पीएम और शाह को दी नसीहत, सेना का न करें राजनीतिकरण

नई दिल्ली : पूर्व रक्षामंत्री कांग्रेस नेता एके एंटनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए राष्ट्रीय हितों को राजनीतिक का हथियार बनाने का आरोप लगाया है। साथ ही पीएम मोदी से सेनाओं और उनके पराक्रम का राजनीतिकरण करने से बाज आने की अपील की है।

वहीं राफेल जेट खरीदी में देरी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने के पीएम के दावे को खारिज करते हुए एंटनी ने मोदी सरकार पर ही राफेल खरीद प्रक्रिया को लेकर विशेषज्ञ समिति के उठाए सवालों की अनदेखी का आरोप जड़ दिया।

पूर्व रक्षा मंत्री एंटनी ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पीएम मोदी पर देश में घूम-घूम कर सेनाओं और उनके शौर्य का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बालाकोट में मारे गए आतंकियों की संख्या बताने को लेकर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब हमारे सैन्य बल सीमाओं पर अब भी लड़ाई लड़ रहे हैं तब ऐसे बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है।

एंटनी ने कहा कि पूर्व रक्षामंत्री के नाते वे प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष से अनुरोध कर रहे हैं कि हमारी सेनाओं को राजनीति में न घसीटें। एंटनी ने कहा कि पीएम ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने से लेकर राफेल खरीद में देरी जैसे गलत आरोप तक लगा डाले हैं।

एंटनी ने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद बनी सुब्रमण्यम कमिटी की सिफारिश के बावजूद पूर्व की एनडीए सरकार ने राफेल खरीद के लिए चार साल की देरी की। यूपीए ने सत्ता में आने के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू की और एल-1 टेंडर होने के बाद राफेल खरीदी को लेकर शिकायत आयी।

भाजपा के तत्कालीन दिग्गज यशवंत सिन्हा और सुब्रमण्यम स्वामी ने यह शिकायत की। सौदे को सिरे चढ़ाने के लिए बनी कांट्रेक्ट निगोशिएशन समिति के तीन सदस्यों ने भी सवाल उठाए। इसीलिए रक्षामंत्री के नाते शिकायतों की जांच के लिए विशेष समिति बनाई मगर खरीद प्रक्रिया नहीं रोकी।

एंटनी ने कहा कि सच्चाई यह है कि मोदी सरकार ने राफेल खरीद का फैसला करते वक्त इस विशेषज्ञ जांच समिति की रिपोर्ट की अनदेखी की है। विशेषज्ञों की इस समिति ने एल-1 निविदा में कुछ अनियमितताएं पायी और इन्हें हटाने की सिफारिश की थी।

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि पीएम ने राफेल खरीदने का नया फैसला करते वक्त इन आपत्तियों की अनदेखी क्यों की। एंटनी ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम से इन सवालों के सीधे जवाब की मांग करते हुए आरोप लगाया कि फ्रांसीसी कंपनी को रियायत देने के लिए यह अनदेखी की गई।

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