अखिलेश के मंच पर पहुंचे मुलायम, शिवपाल की उम्मीदों पर फेरा पानी

मेरठ।

यूपी के सबसे बड़े राजनीतिक घराने यादव परिवार के बीच छिड़े विवाद में एसपी की साइकल यात्रा के दिल्ली में हुए समापन ने सियासत में उबाल ला दिया।

रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर यात्रा के समापन के मौके पर मुलायम सिंह यादव ने बेटे अखिलेश यादव को मंच पर जाकर आशीर्वाद दिया और भाई शिवपाल यादव के मोर्चे के संरक्षक या राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के कयासों पर विराम लगा दिया। मुलायम का यह कदम भाई शिवपाल के लिए करारा झटका माना जा रहा है।

बता दें कि समाजवादी पार्टी में 2017 से ही सबकुछ ठीक नहीं चल रहा और सियासी वर्चस्व को लेकर परिवार में बिखराव हो चुका है। शिवपाल यादव ने 29 अगस्त को एसपी से नाता तोड़कर अपने सेक्युलर मोर्चे का गठन कर अपने इरादे जता दिए थे। शिवपाल लगातार एसपी के उपेक्षित नेताओं को इकट्ठा कर और मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद साथ होने का दावा कर रहे थे। वह मुलायम को अपने मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष तक बनाने के संकेत दे रहे थे, लेकिन मुलायम सिंह लगातार चुप थे।

केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर यूपी के कई हिस्सों से शुरू की गई साइकिल यात्रा का समापन रविवार को दिल्ली में हुआ। इसको लेकर सियासी जानकारों की नजर लगी थी। सबकी नजरें मुलायम के कदम पर थीं कि वह बेटे के मंच को साझा करते हैं या भाई का साथ देंगे, लेकिन समापन रैली में एकाएक मुलायम सिंह यादव पहुंचे। अखिलेश यादव ने पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।

-मंच से मुस्लिम रहे दूर

समाजवादी पार्टी को हमेशा से यादव और मुस्लिमों की पार्टी कहा जाता है लेकिन समापन पर हुई रैली में पहली बार मुस्लिम नेताओं की मंच से दूरी लोगों खासकर मुस्लिमों को अखरी।

किसी भी नामी मुस्लिम नेता को मंच पर जगह नहीं मिली। पूर्व सांसद कमाल अख्तर और आदिल हमजा जैसे चेहरे वहां जरूर थे, लेकिन उनको मंच पर तरजीह नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है। जबकि अक्सर बड़े आयोजनों में आजम खान, अहमद हसन, रियाज अहमद, शाहिद मंजूर जैसे नेता शिरकत करते रहे हैं।

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