बीएसपी सेफ्टी कमेटी पर एएलसी ने उठाए सवाल

भिलाई : बीएसपी में सेफ्टी कमेटी को लेकर प्रबंधन अब घिर गया है। चहेतों को सेफ्टी में शामिल कर कोरम पूरा करने पर सहायक श्रमायुक्त रायपुर ने ही सवाल उठा दिया है। मान्यता प्राप्त यूनियन को इसमें शामिल न करने से विवाद भड़का था। गुरुवार को प्रबंधन और यूनियन के बीच सुलह वार्ता के लिए बैठक हुई। इसमें एएलसी (सहायक श्रम आयुक्त) ने निर्देशित किया कि कमेटी का फिर से गठन हो।

सहायक श्रम आयुक्त रायपुर के समक्ष परिवाद को लेकर हुई सुनवाई में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को परामर्श दिया गया कि वह उपसंचालक (औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य) के आदेशानुसार कर्मियों के चुने हुए प्रतिनिधियों से सुरक्षा समिति बनाए। 15 फरवरी को अधिशासी निदेशक (संकार्य) द्वारा जारी सुरक्षा समितियां नियमानुसार नहीं है। सुलह बैठक में यूनियन कि ओर से एसपी डे, सविता कुमारी, रविशंकर साहू, कुंज बिहारी मिश्र और प्रबंधन की ओर से एमडी रेड्डी (उप प्रबंधक) उपस्थित थे।

सीटू की मांग पर वैधानिक प्रावधान के अनुसार कर्मियों के चुने हुए प्रतिनिधिनियों के साथ सुरक्षा समितियां न बनाकर यूनियन के खिलाफ औद्योगिक परिवाद दायर कर मामले को टालने की कोशिश की गई थी। वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन कर सेफ्टी कमेटी बनाना भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को भारी पड़ा।

अध्यक्ष एसपी डे ने बताया कि 26 दिसंबर 2017 को सीटू यूनियन की ओर से प्रबंधन को पत्र देकर चेताया गया था कि सुरक्षा समितियां बनने में हो रही अनावश्यक देरी होने से कर्मियों में रोष बढ़ रहा है। दुर्घटना होने पर मामला कभी भी विस्फोटक हो सकता है। प्रबंधन सीटू के पत्र पर सकारात्मक कार्यवाही करने के बदले औद्योगिक परिवाद लगाकर मामले को टालने की कोशिश की। बाद में विभिन्ना जगहों से दबाव पड़ने पर प्रबंधन ने आनन-फानन में 15 फरवरी 2018 को वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन कर अपनी इच्छा अनुसार सुरक्षा समितियों की सूची जारी कर दी।

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