एससी-एसटी एक्ट को लेकर नगर की बंद रही सभी दुकानें

-मोदी सरकार की निर्णय की हुई किरकिरी

– पृथ्वीलाल केशरी

रामानुजगंज:

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाती एससी-एसटी एक्ट पर एक बार फिर बवाल शुरू हो गया है. एक तरफ जहां स्वर्ण संगठनों ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के संशोधन के फैसले के खिलाफ देशव्यापी बंद का ऐलान कर बन्द करने में सफलता हासिल की है. वहीं अनुसूचित जाति के नेताओं ने इस पर चिंता जताई है.

वही सत्तारूढ़ बीजेपी में एससी-एसटी को लेकर राय बटी हुई है कई नेताओं के ऐसी राय आई है कि इस एससी-एसटी एक्ट का खुला दुरुपयोग हो रहा है इससे लोगों के अंदर अ समानता का भाव पैदा हो रहा है।एससी-एसटी एक्ट के विरोध को लेकर नगर की सभी दुकाने पूर्णता बंद रही। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बिपिन बिहारी सिंह एवं अनूप तिवारी के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम एसडीएम रामानुजगंज को एक ज्ञापन सौंपा गया.

जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि वर्तमान अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम नवीन संशोधन कानून को निरस्त किया जावे तथा जातिगत आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए. अन्यथा सामान्य वर्ग के लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

ज्ञापन सौंपने वालों में आरके पटेल, विमलेश कुमार सिन्हा, यूएस गुप्ता, रमेश गुप्ता, पीएम अंसारी, छोटे लाल गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता, अविनाश गुप्ता अनूप अग्रवाल, ओमप्रकाश केशरी, राकेश पांडे, संतोष पांडे, किरण यादव, अरविंद गुप्ता, दिलीप चौबे, रूपेश गुप्ता, प्रदीप दुबे, एमएस अंसारी, हरिहर यादव, धीरेंद्र पटेल, आरपी गुप्ता, जेपी गुप्ता, नगर वासियों की तरफ से विकास दुबे, मुन्ना गुप्ता, अश्वनी गुप्ता, वेद प्रकाश तिवारी, रिंकू गुप्ता, लल्लू केशरी, द्वारिका पांडे, सुनील केशरी, सहित सैकड़ों लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया।

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