हर चुनौतियों का सामना स्वयं करते हैं दिव्यांगजन

हौसले की पाठशाला में दिव्यांग विद्यार्थी सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

-मनराखन ठाकुर

पिथौरा।

पिथौरा नगर की स्वयंसेवी सामाजिक संस्था दिव्यांग मित्र मंडल द्वारा प्रत्येक रविवार को संचालित होने वाली हौसले की पाठशाला में दिव्यांग विद्यार्थी सम्मान समारोह एवं व्याख्यानमाला कार्यक्रम का आयोजन साहू अकादमी के सभागार में किया गया।

उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ व्यवहार न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुन्द की सचिव राजेश्वरी सूर्यवंशी ने भारतमाता की तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर की।

शासकीय हायर सेकंडरी भिथीडीह के व्याख्याता दिव्यांग साथी शशांक प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेश्वर सैलानी, गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष जगजीत सिंह माटा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जबकि व्याख्यानमाला के अंतर्गत वक्ता के रूप में नगर पंचायत पिथौरा के सीएमओ नरेंद्र बंजारे, साहित्यकार शिव शंकर पटनायक,सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोक सिंह आजमानी, श्रीमती किरण अग्रवाल एवं तृतीय कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष उमेश दीक्षित आमंत्रित थे।

हौसले की पाठशाला के विशेष सहयोगी डॉ डीएन साहू ने पाठशाला स्थापना एवं उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दिव्यांग स्कूली बच्चों के उत्थान और उनके व्यक्तित्व विकास के लिए आज सही सोच और विचार की आवश्यकता है।

इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षक दिवस के विशेष मौके पर इस पाठशाला की शुरूआत की गई। इस पाठशाला में प्रशिक्षित शिक्षकों और विभिन्न कलाओं में पारंगत विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

वर्तमान में 22 पंजीकृत दिव्यांग बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। दिव्यांग मित्र मंडल के संयोजक बीजू पटनायक ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि दिव्यांग मित्र मंडल पिछले 5 वर्षों से आंगनवाड़ी से लेकर महाविद्यालय स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए काम कर रहा है।

स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके लिए सही माहौल निर्माण के लिए एक नवाचारी शिक्षा पहल की शुरुआत हो चुकी है जिसमें रुचि, कौशल दक्षता को मद्देनजर रखते हुए कार्य योजना तैयार की गई है ।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि सुश्री राजेश्वरी सूर्यवंशी द्वारा आंगनबाड़ी से लेकर महाविद्यालय तक के विद्यार्थी जो विभिन्न से संस्थाओं से प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए थे उन्हें प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर प्रोत्साहित किया गया। उक्त कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से 225 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था।

इस दौरान हौसले की पाठशाला के छात्रगण एवं संजीवनी नर्सिंग कॉलेज के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा स्वागत गीत ,भाव नृत्य,कविता एवं तबला वादन कर सामुहिक गीत का प्रस्तुतीकरण किया गया।

हौसले की पाठशाला की नन्ही कलाकार पलक अग्रवाल ने ओ मां शीर्षक से भाव नृत्य प्रस्तुत कर सबको भाव विभोर कर दिया वहीं शासकीय हायर सेकंडरी बुंदेली के दृष्टिहीन छात्र भूपेंद्र पटेल ने मां को प्रणाम पिता को प्रणाम गीत गाकर सबको सोचने के लिए मजबूर कर दिया।

पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं ने भी मनमोहक सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में बाल शिशु संरक्षण अधिनियम की क्रियान्वयन में सामाजिक भूमिका पर विचार प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि एवं वक्ता राजेश्वरी सूर्यवंशी ने कहा कि आज के सामाजिक परिवेश में माता पिता के साथ साथ अन्य लोगों की सहभागिता व जिम्मेदारी बढ़ गई है।

दिव्यांग बच्चों के विविध गतिविधियों में प्रेरित करने के लिए इसी तरह की पहल की जरूरत है जहां दिव्यांग बच्चे अपनी प्रतिभाओं को निखार सके। दिव्यांग बच्चों को घर परिवार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन स्तर पर प्रयास निरंतर जारी है बस इन बच्चों को हौसला देने की जरूरत है।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेश्वर सैलानी ने कहा कि दिव्यांग बाल संरक्षण अधिकार अधिनियम के तहत दिव्यांग जनों के लिए निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कानूनी रूप से किया गया है।

इच्छुक दिव्यांग साथी एवं उनके अभिभावक अपनी समस्याओं के लिए हमे अवगत करावे उनका समाधान निश्चित रूप से विधिक स्तर पर किया जाता है ।मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं वक्ता नरेंद्र बंजारे ने कहा कि शासन स्तर पर दिव्यांग जनों का उत्थान एवं कल्याण के लिए योजनाएं संचालित है इसलिए सही सोच के साथ स्वयं के प्रयास के द्वारा आगे बढ़कर हम काम कर सकते हैं।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में दिव्यांग साथी शशांक प्रधान ने व्यक्तिगत जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि दिव्यांगजन हर चुनौतियों का सामना स्वयं करते हैं उनके प्रति नजरिया बदलने की जरूरत है ।
इस दौरान आमंत्रित अथितियों ने दिव्यांग वार्षिक पोस्टर का विमोचन तथा मानव सेवा सृजन पुस्तिका का लोकार्पण किया जिसमें पूछे गए सवाल जन चर्चा का विषय रहा।

उक्त प्रविष्टि को आमंत्रित अतिथियों ने अभिभावकों ने एवं अन्य प्रबुद्ध जनों ने इसे नूतन प्रयोग बतलाकर अपने अनुभव प्रविष्टि के माध्यम से व्यक्त किये। समाजिक सहभागिता के लिए इस बार गुरूसिंघ सभा के सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोक सिंह आजमानी का दिव्यांग मित्र मण्डल द्वारा सम्मान किया गया।

दिव्यांग छात्र को प्रेरित करने के लिए सुश्री अर्पणा सिंह,सुश्री वेणु मरकाम ,कल्पना चंद्राकर ,लता ठाकुर ,लुनेश्वरी बिसेन,डोलामणि साहू, अंतर्यामी प्रधान ,छविराम पटेल अमृतलाल कुर्रे, प्रभात नंद , प्रेरक टीका राम यादव, योगेंद्र डड़सेना को प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। शतरंज की पाठशाला एवं हौसले की पाठशाला के प्रभारी शिक्षक हेमन्त खुटे का भी सम्मान अकादमी की ओर से मुख्य अतिथी सिविल जज राजेश्वरी सूर्यवंशी ने मोमेंटो देकर किया।

संजीवनी नर्सिंग कॉलेज के समस्त प्रशिक्षार्थियों को भी मुख्य अतिथि ने प्रमाण पत्र प्रदाय किया।कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन दिव्यांग मित्र मण्डल के योजना एवं प्रबंधन प्रभारी हेमन्त खुटे ने तथा कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अंतर्यामी प्रधान ने किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ डी साहू, मोहित,चंद्रमा पाढ़ी,गुरुदीप सिंह चावला,चंदन विश्वकर्मा,रामकुमार विश्वकर्मा, तीस्ता खुंटे,एवं दिव्यांग मित्र मण्डल महिला प्रकोष्ठ प्रभारी नीलिमा पटनायक की महती भूमिका रही।

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