इलाहाबाद हाईकोर्ट: पत्नी का नौकरी करना पति के खिलाफ क्रूरता नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में फैसला दिया है

हाईकोर्ट: पत्नी का नौकरी करना पति के खिलाफ क्रूरता नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में फैसला देते हुए कहा कि पत्नी का नौकरी करना पति के खिलाफ क्रूरता नहीं माना जा सकता. अदालत ने कहा कि अगर पत्नी पति की मर्जी के बिना भी नौकरी करती है तो उसे क्रूरता नहीं कहा जा सकता.

इस मामले में पति ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी. पति का कहना था कि पत्नी उसकी मर्जी के खिलाफ नौकरी करती है. ये पति के साथ क्रूरता है. इसलिए उसे तलाक चाहिए.

जस्टिस शाहिबुल हसनैन और जस्टिस शिव कुमार सिंह ने कहा कि कोई महिला नौकरी करती है तो अपनी योग्यता पर करती है. इसे क्रूरता नहीं कहा जा सकता. महिला के अपने कार्यस्थल पर उतनी ही उपयोगी है जितना कोई पुरुष.

अगर किसी व्यक्ति को अपने साथी से जलन, स्वार्थ और अविश्वास हो सकती है. इसके चलते मानसिक और शारीरिक क्रूरता कहा जा सकता है.

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