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अमानतुल्लाह और जारवाल को एक दिन की न्यायिक हिरासत में

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी की सरकार एक बार फिर विवादों में घिर गई है। मुख्य सचिव से मारपीट मामले में अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट से उनके साथ मारपीट की पुष्टि होती है। उनके चेहरे पर कट के निशान और सूजन पाई गई है। बता दें कि सोमवार आधी रात को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में सीएम अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में विधायकों पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हाथापाई के आरोप में आप विधायक प्रकाश जारवाल और सीएम केजरीवाल के सलाहकार को हिरासत में ले लिया गया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

वहीं आज दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आप विधायकों प्रकाश जारवाल और अमानतुल्लाह खान को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया। यहां पुलिस ने दोनों विधायकों की दो दिन की पुलिस रिमांड की मांग रखी जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही दोनों की जमानत याचिका पर शाम 4:30 बजे सुनवाई जिसके बाद पुलिस ने दोनों विधायकों को कल तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

इससे पहले आज दोपहर में मारपीट के आरोपी विधायक अमानतुल्लाह खान ने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया। उनका कहना है कि वह देश के कानून का सम्मान करते हैं और इसीलिए वह सरेंडर कर रहे हैं। हालांकि वह अपनी बात पर अब भी कायम हैं और कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। कहा जा रहा है कि यह जांच केजरीवाल और मनीष सिसोदिया तक पहुंच सकती है।

आम आदमी पार्टी के एक रीट्वीट के अनुसार आज सुबह ही दिल्ली पुलिस ने सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन को उनके महारानी बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। इस मसले को लेकर मंगलवार को दिन भर सियासत तेज रही। मुख्य सचिव की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

उन्होंने सीएम आवास पर मीटिंग के बहाने बुलाकर हमला करने का आरोप लगाया है। मुख्य सचिव ने ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान व अन्यों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर घर बुलाने, सरकारी काम में बाधा डालने, ड्यूटी के दौरान हमला करने, जान से मारने की धमकी, बंधक बनाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

इससे नाराज आईएएस एसोसिएशन ने एलजी से शिकायत दर्ज करा दोषी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, दिल्ली सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध में कामकाज ठप कर दिया है। मुख्य सचिव ने कहा कि वह सोमवार रात करीब 12 बजे सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री आवास गए। वहां पहले से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित 10 से 11 विधायक मौजूद थे।

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