अमेरिका अकेले देश का रखवाला नही बन सकता और भी देश जिम्मेदारी साझा करें

"अमेरिका दुनिया का रखवाला नहीं बन सकता।" उन्होंने अपील की है कि अन्य देश भी इस जिम्मेदारी को साझा करने के लिए आगे आएं।

बुधवार को पत्नी मेलानिया के साथ अचानक इराक पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की और कहा,

“अमेरिका दुनिया का रखवाला नहीं बन सकता।” उन्होंने अपील की है कि अन्य देश भी इस जिम्मेदारी को साझा करने के लिए आगे आएं।

ट्रंप ने पिछले हफ्ते युद्धग्रस्त सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की घोषणा कर अपने देश समेत पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया था।

इसके बाद खबर आई थी कि अमेरिका ने अफगानिस्तान से भी अपने करीब सात हजार सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है।

सीरिया में इस समय अमेरिका के करीब दो हजार सैनिक तैनात हैं। उनकी वापसी शुरू हो गई है। ट्रंप के इस फैसले के विरोध में अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अपने इस्तीफे का एलान कर दिया था।

बतौर राष्ट्रपति इराक के पहले दौरे पर पहुंचे ट्रंप ने सीरिया से अमेरिकी सैनिकों को बुलाने के अपने फैसले का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को हरा दिया गया है। इसलिए सीरिया में अब अमेरिका की जरूरत नहीं है।

पश्चिमी बगदाद में स्थित एक सैन्य अड्डे में अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “अमेरिका दुनिया की निरंतर रखवाली नहीं कर सकता। यह सही नहीं है कि सारा बोझ हम पर डाल दिया जाए।”

आतंकी हमले का करारा जवाब देगा अमेरिका

ट्रंप ने सैनिकों से कहा, “अगर अमेरिका पर फिर आतंकी हमला हुआ, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा।”

व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप और अमेरिकी की प्रथम महिला मेलानिया क्रिसमस की रात वाशिंगटन से इराक के दौरे पर रवाना हुए।

वे बुधवार को इराक पहुंचे और अमेरिकी सैनिकों को क्रिसमस की बधाई दी।

सरकारी शटडाउन जारी

मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने को लेकर जारी शटडाउन के खत्म होने के आसार नजर नहीं रहे हैं।

इराक में सैनिकों के साथ क्रिसमस मनाकर लौटे ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस मसले पर समझौता नहीं करेंगे।

ट्रंप दीवार के निर्माण के लिए कांग्रेस से 35 हजार करोड़ रुपए के बजट को मंजूर करने की मांग कर रहे हैं। मगर, उनकी पार्टी के कुछ सांसदों के साथ ही डेमोक्रेट इसके विरोध में हैं।

इराकी सांसदों ने जताई नाराजगी

इराक के सियासी और मिलीशिया नेताओं ने ट्रंप के अचानक दौरे पर आने को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने ट्रंप के दौरे को इराक की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है।

सांसदों ने बताया कि ट्रंप और इराक के प्रधानमंत्री अब्देल अब्दुल के बीच होने वाली मुलाकात रद हो गई क्योंकि मुलाकात स्थल को लेकर मतभेद था।

सांसद सबाह अल सादी ने इराक की संप्रभुता का उल्लंघन किए जाने को लेकर संसद का आपात सत्र बुलाने की मांग की है।

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