रोहिंग्याः म्यांमां पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है अमेरिका

अमेरिका म्यांमार में अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर वैश्विक मैग्निट्सकी कानून के तहत म्यांमार पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर आज यह जानकारी दी। वक्तव्य के अनुसार अमेरिका ने म्यांमार के राखिन प्रांत में रोहिंग्या और अन्य समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसके लिए असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है।

अमेरिका चाहता है म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों की वापसी के लिए शर्तें तय करे, क्योंकि कुछ लोग इस मानवीय विपत्ति का इस्तेमाल धार्मिक आधार पर नफरत को बढ़ावा देने और हिंसा के लिए कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, यह मानवीय विपत्ति एवं सुरक्षा संबंधी चिंता का विषय है।

अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदायों के लिए भी यह जरूरी है कि वे मानवीय विपत्ति के पीड़ितों का कष्ट कम करने और उनके बच्चों के लिए शिक्षा समेत सभी बुनियादी सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करें।

गौरतलब है कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में सेना ने उग्रवादियों के खिलाफ अगस्त के आखिर में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद हिंसा से बचने के लिए करीब छह लाख अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश चले गए। म्यांमार जातीय समूह के रूप में रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान स्वीकार नहीं करता। उसका कहना है कि वे देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासी हैं।

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