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अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव: कौन बनेगा राष्ट्रपति, आठ राज्य करेंगे तय

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अब करीब महीने भर का ही वक्त बाकी

वाशिंगटन: इस साल होने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अब करीब महीने भर का ही वक्त बाकी है. इस बार चुनाव में दो उम्मीदवार प्रमुख हैं. मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट उम्मीदवार जोसेफ बाइडेन. दोनों के बीच डिबेट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.

डिबेट के बाद दोनों उम्मीदवारों की तुलना का दौर चल रहा है. दोनों के व्यक्तित्व से लेकर सोच और नीतिगत विचार से लेकर व्यवहार तक, हर पहलू पर नज़र रखी जा रही है. दोनों नेता एक दूसरे से कितने अलग हैं और कौन से फीचर उन्हें एक दूसरे से अलग करते हैं, इस बारे में जानना दिलचस्प है.

दोनों ही इस पद के लिए खुद को दूसरे से बेहतर बताने में लगे हैं. कई प्री-इलेक्शन सर्वे बिडेन का पलड़ा भारी भी बता रहे हैं. इन सबके बीच 8 ऐसे राज्य हैं, जो तय करेंगे कि कौन राष्ट्रपति बनेगा. इलेक्टोरल कॉलेज वोट के कारण ये राज्य हमेशा से ही अमेरिकी राजनीति के लिए काफी अहम रहे हैं.

इलेक्टोरल कॉलेज में कुल 538 सदस्य होते हैं लेकिन हर स्टेट की आबादी के हिसाब से ही उस स्टेट के इलेक्टर्स चुने जाते हैं. यानी अगर कोई स्टेट बड़ा है, तो उससे ज्यादा इलेक्टर चुने जाएंगे ताकि वो अपनी आबादी का प्रतिनिधित्व सही तरीके से कर सकें.

अरिजोना स्टेट में 11 इलेक्टोरल वोटस हैं. पिछले साल यहां ट्रंप की स्थिति मजबूत थी जो इस बार कोरोना के कारण डगमगा गई है. खासकर 65 पार वोटर ट्रंप से बिदके हुए हैं. वहीं बिडेन वोटरों के इस बड़े वर्ग पर अपना दबदबा बनाए दिख रहे हैं.

यूएस में राष्ट्रपति जनता के वोट से नहीं बनता, बल्कि इसके लिए इलेक्टोरल कॉलेज काम करता है. इलेक्टोरल कॉलेज असल में एक बॉडी है, जो जनता के वोट से बनती है. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि जनता के वोट से अधिकारियों का एक समूह बनता है, जो इलेक्टोरल कॉलेज कहलाता है. ये इलेक्टर्स होते हैं और मिलकर राष्ट्रपति चुनते हैं.

उप-राष्ट्रपति भी यही बॉडी चुनती है. फ्लोरिडा राज्य में 29 इलेक्टोरल वोट्स हैं. ये स्टेट अक्सर रिपब्लिकन का गढ़ रहा लेकिन इस बार यहां चुनाव से पहले के सर्वे दूसरा ट्रेंड बता रहे हैं. फ्लोरिडा में इस बार डेमोक्रेट्स आगे दिख रहे हैं. इससे ये स्टेट चुनाव में बड़ा उलटफेर कर सकता है.

जॉर्जिया में 16 इलेक्टोरल वोट काम करते हैं. यहां पिछले बार ट्रंप का दबदबा रहा लेकिन इस बार दोनों ही पार्टियां समान रूप से लोकप्रिय हैं. ऐसे में इन दिनों में जो भी उम्मीदवार लोगों के दिलों में जगह बना सके, वो बढ़त ले सकता है मिशिगन और विंसकॉसिन राज्यों में पिछले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप हिलेरी क्लिंटन से ज्यादा लोकप्रिय रहे थे लेकिन इस बार ये लोकप्रियता कोरोना के कारण गड़बड़ाई है. वहीं 16 इलेक्टोरल वोट्स के साथ ये एक अहम स्टेट है.

नॉर्थ कैरोलिना भी 15 इलेक्टोरल वोट दे सकता है. ओपिनियन पोल एजेंसी फाइव थर्टी एट के मुताबिक, अमेरिका के अगले राष्ट्रपति की जीत तय करने में इस राज्य की भूमिका 3.1 फीसदी है. इस राज्य में बिडेन फिलहाल तक ज्यादा लोकप्रिय बताए जा रहे हैं. पेन्सिल्वेनिया में 20 इलेक्टोरल वोट हैं. इस अप्रैल से ट्रंप की लोकप्रियता यहां बढ़ी है.

वहीं जुलाई से सितंबर के बीच बिडेन का ग्राफ नीचे जाता दिख रहा है. हालांकि पोलिंग का औसत यहां तब भी बिडेन के पक्ष में है. इसके पीछे भी कोरोना के कारण हुए नुकसान को वजह माना जा रहा है.

इसी तरह से मिनेसोटा में 10 वोट हैं, जो जीत-हार में अहम हो सकते हैं. चार साल पहले ट्रंप यहां हिलेरी क्लिंटन से कुछ पीछे थे. इस साल भी इस राज्य में वही ट्रेंड है. ट्रंप यहां पर वाइट वोटरों के बीच भी लोकप्रिय नहीं. वहीं विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन की बढ़त दिख रही है.

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