अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, पृथ्‍वी से टकराने पर भारी नुकसान करेगा अपोफिस

अमेरिकन एस्‍ट्रोनॉमिकल सोसायटी की ओर से जारी बयान में यह चेतावनी दी गई

नई दिल्ली: वैज्ञानिकों ने आसमान से एक उल्का पिंड के पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ने की जानकरी दी है। साथ ही इस बाात की संभावना भी जताई है कि ये उल्का पिंड जमीन से टकरा सकता है और इससे भारी तबाही मच सकती है।

इस ऐस्‍टरॉइड का नाम है ‘अपोफिस या तबाही का देवता।’ अपोफिस कितना शक्तिशाली है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह अगर पृथ्‍वी से टकराता है तो 88 करोड़ टन TNT के विस्‍फोट के बराबर असर होगा। यह ऐस्‍टरॉइड करीब 1000 फुट चौड़ा है और बहुत तेजी से धरती की ओर बढ़ रहा है।

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह महाविनाशक ऐस्‍टरॉइड पृथ्‍वी से टकरा सकता है। अमेरिकन एस्‍ट्रोनॉमिकल सोसायटी की ओर से जारी बयान में यह चेतावनी दी गई है। हवाई यूनिवर्सिटी के खगोलविद डेविड थोलेन ने कहा कि सुबारू टेलिस्‍कोप से मिले डेटा के आधार पर खुलासा हुआ है कि अपोफिस बहुत तेजी से गति पकड़ रहा है।

उन्‍होंने कहा कि डेटा से पता चला है कि ऐस्‍टरॉइड वर्ष 2068 में पृथ्‍वी से टकरा सकता है। अपोफिस का नाम यूनान के तबाही के देवता के नाम पर रखा गया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी यह पृथ्‍वी से टकराएगा या नहीं इसका ठीक-ठीक पता वर्ष 2029 में चल सकेगा जब ऐस्‍टरॉइड पृथ्‍वी के बहुत पास से गुजरेगा।

डेविड ने बताया कि इस दौरान ऐस्‍टरॉइड को बिना किसी दूरबीन के देखा जा सकेगा।अपोफिस फ्रांस के एफिल टावर से आकार में बड़ा है। डेविड ने कहा क‍ि वर्ष 2029 में यह पता चल सकेगा कि वर्ष 2068 में यह ऐस्‍टराइड धरती के कितने करीब से गुजरेगा।

उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2029 में यह भी बताया जा सकेगा कि अपोफिस के टकराने पर क्‍या हो सकता है। उन्‍होंने कहा, ‘यह ऐस्‍टरॉइड अगर केवल ठीक-ठीक दूरी से गुजरता है तो पृथ्‍वी की गुरुत्‍वाकर्षण शक्ति इसका रास्‍ता बदल देगी और यह वर्ष 2068 में वापस आएगा और पृथ्‍वी से टकरा सकता है।

वैज्ञानिकों ने कहा कि यह ऐस्‍टरॉइड 12 अप्रैल 2068 को पृथ्‍वी से टकरा सकता है। इसके टकराने पर 88 करोड़ टन TNT के विस्‍फोट के बराबर असर होगा। अपोफिस ऐस्‍टरॉइड की खोज एरिजोना की वेधशाला ने 19 जून, 2004 को की थी। इसके बाद से इस ऐस्‍टरॉइड पर वैज्ञानिकों की नजर है।

शोधकर्ताओं ने अपोफिस को इस साल सुबारू टेलिस्‍कोप के जरिए पता लगाया और विश्‍लेषण के बाद पाया कि इसने गति पकड़ ल‍िया है। इसमें पाया गया कि ऐस्‍टरॉइड सूर्य की रोशनी में गरम हो रहा है। खगोलविदों ने कहा कि इस ऐस्‍टरॉइड के वर्ष 2068 में टकराने की पूरी संभावना है।

नासा ने इस ऐस्‍टरॉइड को तीसरा सबसे बड़ा खतरा करार दिया है। इसमें कहा गया है कि अगले 48 साल में ऐस्‍टरॉइड के धरती से टकराने की संभावना 150,000 है। मूंगफली की तरह आकार ले रहा अपोफिस अपोफिस ऐस्‍टरॉइड निकेल और लोहा से बना है तथा रेडॉर इमेज से पता चलता है कि यह लगातार लंबा हो रहा है। इसका आकार अब मूंगफली की तरह से होता जा रहा है।

हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि अभी और ज्‍यादा व‍िश्‍लेषण की जरूरत है। वैज्ञानिक इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह धरती से वर्ष 2068 में टकराएगा या नहीं। इससे पहले के शोध में कहा जा रहा था कि इस ऐस्‍टरॉइड के टकराने की संभावना केवल 2.7 प्रतिशत ही है। हालांकि अब इस नई आशंका से वैज्ञानिकों की टेंशन बढ़ गई है।

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