बहस के बीच UIDAI ने कहा, आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं

नई दिल्‍ली: आधार को भारत का नागरिकता लाइसेंस बताने वाले सवाल पर UIDAI ने पूर्ण विराम लगाते हुए कहा कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है. उन्होंने कहा कि न ही ऑफिस से किसी भी घुसपैठ करने वाले या अवैध रूप से भारत में घुसने वाले को अपनी नागरिकता सिद्ध करने के लिए नोटिस नहीं भेजा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि कुछ राज्य जैसे हैदराबाद में गलत तरीके से गलत कागजातों के जरिए आधार बनाने का मामला सामने आया था, इसकी सूचना पुलिस ने हैदराबाद रीजनल कार्यालय में भेजी थी.

रिपोर्ट में पुलिस ने कहा है कि 127 मामले ऐसे थे, जो प्रारंभिक जानकारी में अवैध तरीके से भारत में घुसने के पाए गए और उनके पास आधार था. एक्ट के मुताबिक, ऐसे आधार कार्ड जो गलत तरह से हासिल किए गए हैं, उन्हें कैंसिल किया जाता है.

एक्ट यह भी कहता है कि आधार भारत के नागरिक होने का पहचान पत्र नहीं है, बल्कि वो ये बताता है कि अमुक व्यक्ति आधार हासिल करने के 182 दिन पहले से भारत में रह रहा है.

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में डायरेक्शन दिया था कि अवैध तरीके से भारत में आए लोगों को आधार न दिये जाएं. अवैध तरीके से जिन लोगों ने आधार लिया था, उन्हें रीजनल ऑफिस में बुलाया गया है, ताकि वो उन्हे कैंसिल करने से पहले अपने आधार की दावेदारी पेश कर सकें.

इसके लिए उन 127 लोगों को 20 फरवरी का समय दिया गया है कि वो रीजनल ऑफिस पहुंचकर अपना बायोमेट्रिक आदि जानकारी सही बताएं.

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