छत्तीसगढ़ में बढ़ती बेरोज़गारी की खुली पोल: अमित जोगी

-शासन बैंगलोर में बंधक बनाए गए बैगा आदिवासी जाति के 30 से ज्यादा लोगों को सकुशल घर लाए : अमित जोगी

रायपुर।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की एक कंपनी द्वारा बंधक बनाये गए बैगा आदिवासी जाति के 30 से ज्यादा लोगों की रिहाई के लिए मरवाही विधायक अमित जोगी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अमरनाथ उपाध्याय को पत्र लिखा है।

पत्र में जोगी ने डीजीपी को लिखा है कि कुछ समाचार पत्रों से उन्हें ज्ञात हुआ है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले कवर्धा के पंडरिया ब्लॉक के 30 से अधिक बैगा आदिवासी जाति के लोगों को पिछले 4 माह से नौकरी देने के नाम पर एक कंपनी द्वारा बैंगलोर में बंधक बना कर रखा गया है। इन लोगों को न तो मजदूरी मिल रही है और न ही खाना।

जोगी ने आगे लिखा है कि यह बहुत ही गंभीर विषय है जो अपने आप में छत्तीसगढ़ में बढ़ रही बेरोज़गारी की पोल खोल रहा है। आज हमारे प्रदेश में 20 लाख से ज्यादा युवा बेरोज़गार घूम रहे हैं। जीवन यापन करने के लिए दर दर की ठोकरें खा कर पलायन करने को विवश हैं।

नौकरी की तलाश में राज्य के बाहर जाने पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर उनका शोषण किया जा रहा है। जोगी ने कहा है कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में ट्रेनिंग के नाम पर दूसरे राज्यों में हमारे प्रदेश के लोगों को बंधक बनाये जाने के मामले सामने आये हैं।

अमित जोगी ने डीजीपी से कहा है कि बैगा जाति भारत के महामहिम राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हैं जिन्हे संरक्षण प्राप्त है। उनका इस प्रकार शोषण होना बेहद गंभीर विषय है। अमित जोगी ने डीजीपी से अनुरोध किया है कि कर्नाटक सरकार और कर्नाटक पुलिस से बातचीत कर बंधक लोगों की रिहाई तत्काल सुनिश्चित करवाएं और बंधक बनाने वाली उक्त कंपनी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाएं।

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