छत्‍तीसगढ़ की चुनावी सभाओं में अमित शाह का महागठबंधन पर करारा प्रहार

बिलासपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और तखतपुर में आयोजित चुनावी सभाओं में महागठबंधन पर करारा प्रहार किया। शाह ने कहा कि महागठबंधन का न कोई नेता है, न कोई नीति। ये सत्ता स्वार्थ के कारण एकजुट हुए हैं। इस चुनाव में एक तरफ मोदी और एनडीए है, तो दूसरी ओर महामिलावटियों का गठबंधन है। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर गठबंधन की सरकार आ गई, तो एक सप्ताह में छह पीएम होंगे और रविवार को सरकार छुट्टी पर रहेगी।

शाह ने यह भी गिनाया कि किस दिन कौन पीएम रहेगा। उन्होंने कहा कि सोमवार को शरद पवार, मंगलवार को मायावती, बुधवार को अखिलेश, बृहस्पतिवार को देवेगौड़ा, शुक्रवार को स्टालिन और शनिवार को ममता दीदी प्रधानमंत्री होंगी और रविवार को देश छुट्टी पर चला जाएगा।

शाह ने मोदी सरकार की पांच साल की उपलब्धियों का बखान किया। एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को खत्म करने का वादा किया, तो वोटरों को राष्ट्रवाद का पाठ भी पढ़ाया। पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक का जिक्र करके राहुल गांधी को घेरने से भी नहीं चूके।

उन्होंने कहा कि एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान और राहुल गांधी के घर मातम था। घुसपैठियों के मुद्दे पर शाह ने कहा, कांग्रेस कह रही है कि एनआरसी मत लाइए, इस बार मोदी सरकार बनी तो कश्मीर से कन्याकुमारी और असम से गुजरात तक घुसपैठियों को चुन-चुन कर निकालेंगे।

उमर अब्दुल्ला कहते हैं कि कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए। कांग्रेस पार्टी को इसपर अपना रुख स्पष्ट करे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर वार करते हुए कहा कि अब मौनी बाबा की सरकार नहीं है। आतंकवादियों के साथ इलू-इलू करने की नीति कांग्रेस की हो सकती है, मोदी सरकार की नहीं।

शाह के निशाने पर राज्य सरकार

शाह ने राज्य सरकार को शराब, सीमेंट के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भूपेश बघेल टैक्स लग गया है। कानून व्यवस्था ठप हो गई है। कोई नई इंडस्ट्री तो राज्य में आयी नहीं, लेकिन तबादला इंडस्ट्री शुरू हो गई है। रमन सिंह 15 साल तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे, कभी सीबीआइ पर प्रतिबंध नहीं लगाया, भूपेश सरकार ने डर के चलते सीबीआइ पर प्रतिबंध लगाया है। 90 दिन में ही कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ पर 10 हजार करोड़ का कर्जा कर दिया है।

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