अमित शाह का असली नाम ‘अंतर्रात्मा‘ है और विपक्ष के कुछ विधायक ‘अंतर्रात्मा’  की आवाज़ अनसुना नहीं कर सकते हैं

-मधुर चितलांग्या

जोड़ तोड़ के महान जादूगर अमित शाह के अगले जादू पर पूरे देश की नज़र टिकी हुई है. जहां भाजपा ने कर्नाटक में अपनी सरकार बनने की खुशी में अभी से लड्डू बांट दिये हैं,  वहीं कांग्रेस व जेडीएस हर पांच मिनट के बाद अपने विधायकों को गिन रहे हैं कि कब उनमें से कुछ फुर्र से गायब ना हो जायें. सभी विधायकों के गले में जीपीआरएस सिस्टम भी लटका दिया गया है। कल शाम को कांग्रेस का एक विधायक फ्रेश होने अकेले ही बाथरूम चला गया था जिसे गुलाम नबी आजाद ने जमकर फटकार लगाईं है, और हाथ पकड़कर चलने के लिए कहा है।

हमारे एक साथी ने कहा तो दूसरा साथी हंसते हुए बोला, यह तो कुछ भी नहीं है बीजेपी की सरकार बनाने जिस प्लेन से कर्नाटक जा रहे थे अमित शाह, उस प्लेन के सभी यात्रियों के अलावा पॉयलट और एयर होस्टेस  भी भाजपा में शामिल हो गये हैं. वैसे कल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह जिस आत्मविश्वास से कर्नाटक की जीत, कर्नाटक की जीत बोल रहे थे, तो कांग्रेस के कई विधायकों को भी शक होने लगा था कि कि कहीं वह खुद बिक तो नहीं गए हैं।

अब मैं भी चुहल करते हुए बोला, अभी अभी खबर मिली है कि कांग्रेस घबरा कर कह रही है कि हमारे 12 एमएलए गायब हैं। इस पर अमित शाह का कहना है कि राहुल की गिनती पर भरोसा मत करो। दोबारा काउंट करो। झूठ मत बोलो, 12 नहीं 14 हैं।

पर मुझे इस पूरे एपीसोड में कुमार स्वामी का जेडीएस विधायकों की खरीदी के लिये 100 करोड़ का फिगर बताना बिल्कुल पेपर आउट करने की तरह लगा. विधायकों को अपनी कीमत पता चल गई है. अब हमारा तीसरा साथी बोला , मैं अब जाकर समझा हूं क्रिकेट और राजनीति में फर्क़.  क्रिकेट में खिलाड़ी खेल शुरू होने के पहले बिकता है और राजनीति में खेल खत्म होने के बाद. अंत में पत्रकार माधो बोले , मुझे तो लगता है कि कुछ चुनावों में तो बीजेपी सिर्फ इसलिए पूर्ण बहुमत नहीं लाती ताकि अमित शाह अपने हुनर का पूरा उपयोग कर सकें।

वैसे राज्यपाल को भी समझना चाहिए कि येदुरप्पा को पहले न्यौता दिया तो बहुत फायदे होंगे।

पहला पूरा देश वजू भाई का ( उनका) नाम जान जाएगा .
दूसरा कांग्रेस –जेडीएस विधायकों को बिकने का मौका मिलेगा .
तीसरा – सोशल मीडिया पर ज़बर्दस्त रायता फैलेगा .
चौथा -टीवी चैनलों पर घंटों बहस होगी और यदि कांग्रेस –जेडीएस को पहले बुला लिया तो सरकार बन जाएगी और मामला खत्म, इसमें बिल्कुल मज़ा नहीं आयेगा।

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