रिकार्ड मतों से प्राप्त जीत को पचा नहीं पा रहे हैं विधायक अमितेश : तेजराम विद्रोही

हितेश दीक्षित:

राजिम: जिला सहकारी बैंक को छोड़कर अन्य राष्ट्रीकृत बैंकों जैसे आई डी बी आई, स्टैट बैंक, ग्रामीण बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक आदि बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड धारी किसानों का कर्ज अभी तक माफ नही हुआ है हालाँकि राज्य सरकार ने इन बैंकों से किसानों का अल्पकालिक ऋण माफ करने की बात किया है जबकि उनके घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानो का कर्ज माफ कहा है।

यहाँ पर अल्पकालिक, दीर्घकालिक या मध्यमकालिक ऋण का उल्लेख ही नहीं किया गया है। बैंकों को किसी प्रकार पत्र जारी नहीं किया है कि जब तक कर्ज माफ नहीं होता है तब तक किसी प्रकार की वसूली न किया जाये।

किसानों के बिजली बिल में पूर्व में हुए विसंगतियों को दूर नहीं किया गया है जिससे किसान बिजली बिल जमा कर पाने में असमर्थ हो रहे हैं ऐसे किसानों का या तो बिजली काटी जा रही है या वसूली के लिए अदालत में प्रकरण भेजी जा रही है।

मंडियो में कृषि उपज मंडी अधिनियम के आधार पर उपज की खरीदी करने सहित उपरोक्त विषयों को लेकर क्षेत्र के किसान राजिम विधायक अमितेश शुक्ल को ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाना चाहते थे।

इसलिए क्षेत्र के सैकड़ों किसान 8 मार्च को राजिम मंडी में कांग्रेस द्वारा आयोजित संकल्प शिविर में ज्ञापन देने पहुंचे थे। चूंकि सभा चल रही थी इसलिए किसानों ने सभा समाप्त होने का इंतजार किया लेकिन सभा समाप्त होने के बाद जैसे ही किसान विधायक अमितेश शुक्ल को ज्ञापन देने पहुंचे तो वे चल पड़े किसान उसके पीछे पीछे चलते रहे लेकिन उन्होंने किसानों की ओर मुड़कर भी नहीं देखा जिससे आक्रोशित किसानों ने किसानों को अनदेखा करना बंद करो, कर्ज माफी के नाम किसानों के साथ छल नहीं चलेगा, विधायक अमितेश शुक्ल मुर्दाबाद, अमितेश शुक्ल हाय हाय की नारे लगाने लगे।

किसान पिछले 22 जनवरी से संघर्षरत

उक्त बातें अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि उपरोक्त विषयों को लेकर किसान पिछले 22 जनवरी से संघर्षरत हैं। 22 जनवरी 2019 को कलेक्टर गरियाबंद के माध्यम से तथा 6 फरवरी 2019 को नायाब तहसीलदार फिंगेश्वर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया था।

20 फरवरी 2019 को किसानों ने बैठक कर निर्णय लिया था कि कर्ज माफी के लिए हम छह महीने और इंतजार कर सकते हैं बशर्ते पूरा कर्ज माफी तक बैंक द्वारा किसानों से वसूली नहीं किया जाएगा ऐसा किसानों को लिखित भरोसा दिलाया जाए।

इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक अमितेश शुक्ल से मुलाकात कर किसान अपनी बात रखना चाहते थे, इसके लिए 21 फरवरी से विधायक को फोन एवं अन्य माध्यमों से सम्पर्क कर मुलाकात का समय चाह रहे थे परंतु नहीं मिल पाया था।

शिविर की जानकारी होने पर किसान राजिम मंडी में आयोजित संकल्प शिविर में ज्ञापन देने पहुंच गए लेकिन 58 हजार से अधिक मतों से विजयी होने के घमंड में मगरूर विधायक को किसान भाजपाई नजर आने लगे।

जीत के नशे में चूर राजिम विधायक अमितेश शुक्ल को ये नहीं भूलना चाहिए कि ये वही किसान है जो पिछले भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2009 से किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर लगातार आन्दोलन करते रहे, भाजपा सरकार द्वारा किसानों की धान खरीदी को कम कर 10 क्विंटल करने के खिलाफ किसानों ने आंदोलन किया था यहां तक कि विधायकों का घेराव भी किया।

लेकिन विधायक अमितेश शुक्ल द्वारा पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर किसानों को भाजपाई कहना और किसानों का ज्ञापन न लेना उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है। विधायक अमितेश शुक्ल बहुमत से प्राप्त जीत को पचा नहीं पा रहे हैं जिसके कारण ज्ञापन देने वाले किसान उन्हें भाजपाई नजर आने लगे हैं।

Back to top button