एएमयू प्रशासन ने देशद्रोह के आरोपी कश्मीर के दोनो शोध छात्रों का निलंबन लिया वापस

चार छात्रों को दिया गया कारण बताओ नोटिस भी वापस लिया

नई दिल्ली :

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कश्मीरी छात्रों द्वारा आपत्तिजनक बैठक करने के मामले में निलंबित किए गए दो छात्रों का निलंबन कुलपति ने वापस ले लिया है। बताया गया कि इनके खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है।

इसके अलावा चार छात्रों को दिया गया कारण बताओ नोटिस भी वापस ले लिया गया है। गुरुवार को आतंकी मन्नान बशीर वानी के मारे जाने के बाद छात्रों ने कैनेडी हॉल में नमाज-ए-जनाजा की कोशिश की थी। हालांकि छात्रों एवं प्रॉक्टोरियल टीम के विरोध के कारण आयोजन नहीं हो सका।

इस मामले में एएमयू प्रशासन द्वारा बायोकेमेस्ट्री के शोध छात्र एवं कश्मीर के शोपिया निवासी वसीम अयूब मलिक एवं इतिहास विभाग के शोध छात्र तथा कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी अब्दुल हसीब मीर को निलंबित कर दिया था।

पुलिस द्वारा इन दोनो छात्रों के अलावा अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया गया था। एएमयू प्रशासन द्वारा सात छात्रों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

हालांकि बाद में जांच में ज्ञात हुआ कि 7 में से 5 छात्र एएमयू से पास आउट हैं। उसमें से दो तो नौकरी कर रहे हैं। सोमवार को एएमयू प्रशासन द्वारा नोटिस दिये गये नामों में सुधार किया गया और चार छात्रों को नोटिस के लिए चिन्हित किया गया।

इस मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद एएमयू प्रशासन ने वसीम अयूब मलिक एवं अब्दुल हसीब मीर का निलंबन वापस ले लिया है। एएमयू पीआरओ आफिस के मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि दोनों छात्रों का निलंबन एवं चार छात्रों को दिया गया कारण बताओ नोटिस का फैसला वापस ले लिया गया है।

फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में वसीम अयूब मलिक एवं अब्दुल हसीब मीर के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि उन्हें निलंबित किया जाए। इसके साथ ही दोनो छात्रों के विभाग में पता करने पर शानदार शैक्षणिक रिकार्ड मिले हैं।

छात्रों के खिलाफ अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं हुई है। एएमयू द्वारा निलंबन वापस लिए जाने के बाद वसीम एवं हसीब पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने वाली पुलिस अलग-थलग पड़ गई है। चर्चा है कि जांच रिपोर्ट में एक पत्रकार के साथ छात्रों की विवाद का भी उल्लेख किया गया है।

इनको जारी हुआ था कारण बताओ नोटिस

पीरजादा दानिश साबिर (बीएससी), एयाज अहमद भट्ट (एमएससी), मो. सुल्तान खान (एमफिल), रकीब सुल्तान (बीएससी), समीउल्ला रैदर (बीएससी), शौकत अहमद लॉन एवं पीरजादा मेहबुबुल हक (बीए)।

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