पत्रकार को पट्टे पर दी गई कीमती भूमि को हड़पने का प्रयास

नोटिस जारी होने के 2 घंटे के भीतर मकान तोड़ा गया

रायपुर । नारायणपुर में 1985 में पत्रकार मोहन सिंह राठौर को 5 एकड़ भूमि पट्टे पर मिली थी। जिसका व्यवस्थापन भी हो चुका है। 1997 में पत्रकार मोहन सिंह राठौर की दिनदहाड़े कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से इस भूमि पर मोहन सिंह का परिवार का कब्जा है।

साजिश के तहत भूमि को अवैधानिक तरीके से कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए फर्जी तरीके से अभिलेख तैयार कर पट्टे को 1986 में निरस्त होना बताया जा रहा है। ये बातें पत्रकार के पुत्र मनीष राठौर ने पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि यदि पट्टा 1986 में निरस्त था तो 1997 तक पत्रकार मनोज सिंह राठौर के जीवित रहते प्रशासन मौन क्यों रहा ? उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर 2017 को दरमियानी रात स्थानीय प्रशासन की ओर से जेसीबी भेजकर मकान को तोडऩे का प्रयास किया गया। तत्काल रात में ही डेढ़ बजे थाने में शिकायत की गई। दूसरे दिन कलेक्टर, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को भी शिकायत की प्रति भेजी गई।

अदालत के स्टे के बाद भी तोडा गया मकान : मनीष ने कहा कि पट्टे को अवैधानिक रुप से कब्जा करने, पट्टा निरस्त करने की अवैधानिक कार्रवाई के विरुद्ध उन्होंने न्यायालय से स्टे भी ले लिया है। इसके बावजूद भी प्रशासन के इशारे पर तहसीलदार कार्यालय से 28 दिसंबर की तिथि दर्शाकर 29दिसंबर को मकान तोडऩे का नोटिस चश्पा किया गया और दो घंटे के बाद मकान तोड़ दिया गया। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में अवकाश के कारण न्यायालय की अवमानना का प्रकरण दर्ज नहीं हुआ, किन्तु 2 जनवरी 2018 को अवमानना का प्रकरण लगाया जाएगा। मनीष राठौर ने पत्रकारों से सहयोग की अपेक्षी की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस भूमि पर हमारी ओर तैयार की गई फसल खड़ी है और भूमि शहर के मध्य स्थित है। नजदीक ही पेट्रोल पंप भी है। आज की स्थिति में नारायणपुर जिला मुख्यालय की उक्त भूमि बेशकीमती है। इसलिए क्षेत्र के जानेमाने राजनीतिज्ञ की कुदृष्टि उस भूमि पर है इसलिए भूमि पर जबरिया कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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