अंग्रेजी की एक भूल ,चेतन भगत को भारी पड़ गई

किताबों के लेखक चेतन भगत इन दिनों सोशल साइट्स पर अपनी अंग्रेजी के लिए ट्रोल हो रहे हैं. हाल ही में वाशिंगटन पोस्ट में ताजमहल को लेकर छपी खबर की खिलाफत करते हुए चेतन भगत ने ट्वीट किया.

वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी खबर में लिखा था कि ताजमहल की देखभाल इसलिए नहीं की जा रही क्योंकि उसे एक मुस्लिम शासक ने बनाया था.

इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए चेतन भगत ने ट्वीट किया, ” क्या आपने कभी एक भारतीय होने के नाते ताजमहल को एक ‘मुस्लिम’ इमारत की तरह देखा है (जैसा की वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार इसे एक मुस्लिम इमारत होने के कारण नजरंदाज किया जा रहा है)”

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के अग्रिम बजट में ताजमहल के लिए सांस्कृतिक विरासत निधि आवंटित नहीं की गई है और इसे राज्य के सरकारी पर्यटन विवरणिका में भी शामिल नहीं किया गया है.

चेतन भगत के ट्वीट के बाद सोशल साइट्स पर उनकी ट्रोलिंग होनी शुरू हो गई. उनकी अंग्रेजी को निशाना बनाते हुए कई यूजर्स ने उनकी चुटकी ली.

एक यूजर ने चेतन भगत की अंग्रेजी की चुटकी लेते हुए लिखा,”एक ऐसा व्यक्ति जो खुद को अंग्रेजी लेखक होने का दावा करता है, ये बहुत ही खराब व्याकरण है
ट्विटर पर ट्रोल होते चेतन भगत ने खुद का बचाव करते हुए लिखा,” हां, मैं फोन के ऑटो-करेक्ट टॉइपो के लिए माफी मांगता हूं. हालांकि मुझे लगता है कि सबको बात समझ आ चुकी है.” अपने सफाई में चेतन ने एक यूजर को जवाब देते हुए कमेंट भी किया.

हालांकि चेतन भगत की इस सफाई से ट्वीटराती संतुष्ट नहीं हुए ,चेतन भगत द्वारा एक यूजर पर कमेंट करने को लेकर भी कुछ लोग खास नाराज दिखें.

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