एग्जिट पोल के आंकड़े पर विश्लेषण….

- मनीष शर्मा

मुंगेली: एग्जिट पोल से मोदी लहर मिलने के स्पष्ट संकेत है इससे पहले तीन महीने से तमाम न्यूज़ चैनल और ढेर सारे पत्रकार राष्ट्र के गांव गांव में मोदी लहर खोज रहे थे, बता रहे थे कि नहीं मिल रही है।

जब नहीं मिली तो अंडर करंट ढूंढने लगे आख़िरकार आज उन्हें एग्जिट पोल से मोदी लहर मिल गई है एग्ज़िट पोल के नतीजे बता रहे हैं कि 2014 से भी अधिक ताबड़तोड़ मोदी लहर है हर सर्वे में बीजेपी प्लस की सरकार आराम से बन रही है।

यह पूरी तरह अब चंद घंटों के लिए आम जनमानस पर है कि आप एग्ज़िट पोल पर भरोसा करते हैं या नहीं करते हैं दोनों ही स्थितियों में एग्ज़िट पोल वालों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है ।आज एग्ज़िट पोल का पहला दिन है अभी से किसी निर्णय में जाना जल्दबाजी होगी अभी तो नतीजों के दिन तक इसका सामना करना है।

देखा जाये तो ऐसे कितने एग्ज़िट पोल पहले भी देखे हैं, कभी सामना तो कभी स्वीकार भी किया है ग़लत होने के बाद फिर से देखने की हिम्मत जुटाई है जो ग़लत होने के बाद भी ग़लत होने के लिए किया जाता है एग्जिट पोल को लेकर एक थ्योरी और निकल कर आई है।

जिसमे यह भी माना जा सकता है एग्ज़िट पोल में संख्या गलत हो सकती है मगर कभी कभी ये ट्रेंड सही हो जाता है सभी पोल ग़लत नहीं होते हैं कुछ पोल सही भी होते हैं अभी के एग्जिट पोल के मद्देनजर इस बार भी बीजेपी की सरकार बन रही है।

तो ग़लत कौन सा पोल होगा, यह 23 को पता चलेगा। सभी एग्ज़िट पोल को लेकर काफी गंभीर है।भारत एक जटिल मुल्क है. लोकसभा के लिए सीटों की संख्या भी अधिक है 2014 में बीजेपी को अकेले 282 सीटें आई थीं जिसमें एनडीए को 336 थे लेकिन एग्ज़िट पोल पर भरोसा किया जाए तो एनडीए अपने 2014 के आंकड़ों को भी पार कर रही है।

सहयोग दलो के अलावा भी भाजपा अकेले पूर्ण बहुमत में होने का अनुमान है। विभिन्नताओ,विविधताओं से परिपूर्ण भारत देश में सरकार चुनने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था है अब पूर्णतया निश्चित सरकार में कौन बैठेगा यह तो आगामी 23 मई के परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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