छत्तीसगढ़

एनीमिया मुक्‍त अभियान में 6 दिनों में मिले 13 हजार एनिमिया से ग्रसित हितग्राही

300 ग्राम पंचायतों में 32 हजार लोगों की हुई शिविर में हीमोग्‍लोबिन की जांच

रायपुर: एनीमिया मुक्‍त भारत अभियान के तहत जिले के गांव-गांव में स्‍वास्‍थ्‍य शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में 15 से 49 वर्ष उम्र की गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं सहित पुरुषों की भी एनिमिया स्‍क्रीनिंग के लिए हीमोग्‍लोबिन की जांच की जा रही है। जिले में 6 से 12 सितंबर तक शिविर में 300 ग्राम पंचायतों के लगभग 32,000 लोगों की जांच किया गया।

21,000 लोगों की ब्‍लड रिपोर्ट को सूचीबद्व

मेडिकल टीम द्वारा हीमोग्‍लोबिन की जांच में 21,000 लोगों की ब्‍लड रिपोर्ट को सूचीबद्व किया गया जिसमें 13000 हितग्राहियों की पहचान एनिमिया ग्रसित के रुप में की गई। इन लोगों में एनिमिया स्‍क्रीनिंग से रक्‍त की मात्रा 11 ग्राम से कम मिले हैं। अब तक 6 दिनों के शिविर में 9000 एनिमिया ग्रसित महिलाएं और 4000 पुरुष रक्‍त अल्‍पता के शिकार पाए गए।

जिले के सभी विकासखंडों में दो दिवसीय शिविर ग्रामवार 6 से 15 सितंबर तक एनिमिया स्‍क्रीनिंग करने पहले दिन शिविर और दूसरे दिन छूटे हुए हितग्राहियों की घर पर जाकर हीमोग्‍लोबिन की जांच कर रहे हैं।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत के भवन, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र, उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्रों में मितानिन, महिला स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम द्वारा शिविर लगाए जा रहे हैं।

शिविर के आयोजन से पूर्व प्रत्‍येक ग्रामों में अभियान के प्रचार –प्रसार के लिए मुनादी, माइकिंग, मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रत्‍येक दिवस हितग्राहियों को शिविर स्‍थल पर लाना है।

एनिमिया पीडितों की पहचान कर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा का लाभ पहुंचाना

मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. केआर सोनवानी ने बताया, एनिमिया मुक्‍त भारत के तहत जिले में एनिमिया पीडितों की पहचान कर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा का लाभ पहुंचाना है। कुपोषण और एनिमिया से मुक्‍त छत्‍तीसगढ़ बनाने के लिए राज्‍य सरकार द्वारा आगामी 2 अक्‍टूबर से हितग्राहियों को ग्राम पंचायत स्‍तर पर पका हुआ भोजन देने की योजना शुरु किया जाना है।

प्रदेश में 15 से 49 वर्ष उम्र की 41.50 प्रतिशत बेटियां और माताएं एनीमिया से पीड़ित हैं। इन एनिमिया ग्रस्‍त मरीजों को शिविर के माध्‍यम से चिंहाकित कर उपचार भी किया जाना। सीएमएचओ डॉ सोनवानी ने बताया, शिविर के आयोजन को लेकर गुणवत्‍ता परीक्षण के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम बनाई गई है। जिसमें ब्‍लॉक के बीएमओ, बीईई, बीईटीईओ, सुपरवाईजर, एनएमए, एएमओ, एलएचवी की अलग- अलग टीम सेक्‍टर स्‍तर पर शिविर के आयोजन को लेकर मानीटरिंग करेंगे।

जांच के लिए सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के अंतर्गत जिले के 408 ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविर की मानीटरिंग की जिम्‍मेदारी दी गई है। ताकी आगामी वर्ष 2022 तक छत्‍तीसगढ को एनिमिया मुक्‍त राज्‍य बनाया जा सके।

शिविर में छुटे हुए हितग्राहियों को लेकर मेडिकल टीम को जानकारी देकर मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हितग्राही के घर पर जाकर जांच करवाना अनिवार्य है। जिला एवं विकासखंड स्‍तर पर गठित मॉनिटरिंग टीम द्वारा ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव , महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षकों के माध्‍यम से शिविर का जायजा लेकर हितग्राहियों के पहचान को सुनिश्चित किया जाना है। वहीं प्रत्‍येक मंगलवार और शुक्रवार को शिविर निर्धारित टीकाकरण स्‍थल पर ही एनिमिया का जांच किया जा रहा है।

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