आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा इंसेटिव

समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कुपोषण मुक्ति के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे परियोजना अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों की प्रशंसा

राजनांदगांव : कुपोषण मुक्ति की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाली सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिला प्रशासन के द्वारा इंसेटिव प्रदाय किया जाएगा। साथ ही कुपोषण मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे सरपंचों को भी सम्मानित किया जाएगा।

कलेक्टर श्री भीम सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक में कहा कि बहुत से पंचायतों में सरपंचों द्वारा दूध के अलावा बच्चों को फल और अंडा आदि पोषक पदार्थ भी दिए जा रहे हैं। यह बहुत ही सराहनीय प्रयास है। इनके सराहनीय योगदान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह इन्हें सम्मानित करेंगे। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सुपोषण सम्मेलन का आयोजन भी होगा, इसमें जिले के सभी सरपंचों को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें कुपोषण से होने वाले नुकसान के संबंध में विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। कलेक्टर ने सेक्टरवार सुपोषण अभियान में की गई प्रगति की समीक्षा की।

डोंगरगढ़ और मोहला-मानपुर में हुए अच्छे कार्यों के लिए उन्होंने परियोजना अधिकारियों एवं सुपरवाइजर की प्रशंसा की। जिन सुपरवाइजरों ने सुपोषण अभियान के अंतर्गत 50 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्त कर लिया है उन्हें प्रशस्ति पत्र दिए जाने की बात भी कलेक्टर ने कही। उन्होंने कहा कि ऐसी सुपरवाइजर जिनके सेक्टर में सुपोषण को लेकर कोई प्रगति नहीं दर्ज की गई है उन्हें नोटिस दिया जाए।

उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर सुपोषण अभियान के अंतर्गत अपने सेक्टर की स्थिति में बेहतर बदलाव नहीं लाने वाले सुपरवाइजर पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने मेंस्ट्रल हाइजिन के बारे में विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि दीवानभेड़ी में स्वसहायता समूह की महिलाएँ सैनेटरी नैपकिन बना रही हैं। इनके द्वारा बनाई गई सैनेटरी नैपकिन की गुणवत्ता भी अच्छी है और नैपकिन सस्ती भी हैं।

महिलाओं को पीरिएड्स से जुड़ी भ्रांतियों के संबंध में अच्छी तरह से जानकारी देने पर वे सैनेटरी नैपकिन को अपनाएंगी और इससे उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि पैडमैन फिल्म इस संबंध में बहुत अच्छा संदेश देती है। अधिकाधिक महिलाओं को यह फिल्म दिखाएँ। अंबागढ़ चौकी में सुपरवाइजर ने बताया कि यहां की कुछ पंचायतों में बच्चों को मीजल्स हो गए हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को इन गांवों में कैंप लगाकर बच्चों के उपचार के निर्देश दिए।

इस मौके पर कलेक्टर ने कुपोषण मुक्त पंचायतों के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि जिले को ओडीएफ की तरह ही कुपोषण मुक्त जिला भी बनाना है। इसके लिए युद्धस्तर पर प्रयास करें। उन्होंने प्रधानमंत्री वंदना योजनाए सुघ्घर बुधवार योजनाए महतारी जतन योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अभिषेक त्रिपाठी भी उपस्थित थे।

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