छत्तीसगढ़

अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

रायपुर : मानदेय में वृद्धि सहित कई अन्य मांगो को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकता और सहायिकाओं ने मांग पूरी नही होने के चलते एक बार फिर सड़क पर उतर आये हैं. इसी कड़ी में कार्यकर्ताओं और सहायिकओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. हजारों की संख्या में जुटी आन्दोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए सरकार से जल्द से जल्द मांगो पर विचार करने की अपील की है. तीन दिनों तक ध्यानाकर्षण के लिए धरने पर बैठी प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनको भी न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए दिया जाये इसके अलावा उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग में मर्ज कर सरकारी कर्मचारी घोषित की जाये. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सेवा समाप्ति के बाद पांच लाख रुपए देने की और ड्रेसकोड की बाध्यता समाप्त करने के साथ कार्यकता से सीधे पर्यवेक्षक बनाने की भी मांग की है. छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में कार्यकता और सहायिका उपस्थित रहे. संघ के पदाधिकारियों ने बताया की उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार सरकार को अवगत कराया हैं लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नही हैं. आंदोलनकारियों की माने तो प्रदेश भर में गाँव या शहर सभी जगह महिलाओं से जुड़े हर काम वो करते हैं इसके अलावा सरकार के कार्यों में भी उनका सहयोग रहता है उसके बाद भी उनकी मांगों को अहमियत नही दी जा रही है. प्रदर्शनकारियों ने बताया की देश के अन्य राज्यों में वहां की सरकारों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं अच्छा मानदेय दे रही है. आंगनबाड़ी कार्यकताओं ने जल्द ही मांग पूरी नही होने की स्थति में भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी सरकार को दी है. आपकों बता दें की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अपनी मांगों को लेकर लम्बे समय से आंदोलन कर रही है.

https://youtu.be/19tZV7owgSs

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