छत्तीसगढ़

जड़गा वनपरिक्षेत्र में बने एनीकट वन्यप्राणियों के लिए साबित होंगे वरदान,गर्मी के दिनों में रहेगा पर्याप्त भराव

वन विभाग की यह योजना जनकल्याणकारी,किसानों को भी मिल सकेगा लाभ

अरविन्द

कटघोरा : कटघोरा वन मण्डल वन्यप्राणियों के जीवनपर्यंत के लिए कई तरह की योजनाओं का क्रियान्वयन करते रहा है पिछले दो वर्ष पूर्व कटघोरा वन मण्डल के अधीनस्थ वनपरिक्षेञ जड़गा में निर्माण हुए करोड़ों के एनीकट वन्यप्राणियों के लिए किसी वरदान से कम नही है।भीषण गर्मी के दिनों में वन्यप्राणी पानी की तलाश में त्राहीमाम हो जाते हैं और वे गाव व शहर की ओर कुच करने लग जाते हैं जिस वहज से कभी कभी ग्रामीणों का इनसे सामना हो जाता है और जानमाल का खतरा बना रहता है।

जड़गा वनपरिक्षेत्र मे एनीकट बन जाने से वन्यप्राणियों के साथ साथ जंगल से स्थानीय निवासियों व किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।किसानों को खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाने से सभी ऋतुओं में किसान तमान तरह की खेती भी कर पाएंगे और उन्हें अच्छी खासी आमदनी भी हो सकेगी।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार वन विभाग के एनीकट बन जाने से उन्हें बहुत लाभ मिलेगा और गर्मी के दिनों में पानी की दिक्कतो से भी राहत मिल सकेगी।

जड़गा वनपरिक्षेत्र में बने एनीकट वन्यप्राणियों के लिए साबित होंगे वरदान,गर्मी के दिनों में रहेगा पर्याप्त भराव

जड़गा वनपरिक्षेञ में बने ये एनीकट किसी वरदान से कम नही

जड़गा वनपरिक्षेञ में बने एनीकटो को लगभग दो साल पूर्ण हो चुका है और वे दो बरसात झेल चुके हैं।इनकी गुणवत्ता की बात करे तो आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि दो साल नालो के अपार पानी की ठोकर झेल चुके बाउजूद आज भी सीना ताने खड़े हैं।गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए इन एनीकटों का निर्माण किया गया है।मजबूती के साथ पानी की अपार गति को झेलने की ताकत इन एनीकटों के इंजीनियर की ड्राइंग का नतीजा है जो सीना ताने आज भी ज्यो के त्यों खड़े हैं।

जड़गा वनपरिक्षेञ में बने ये एनीकट किसी वरदान से कम नही है।यहाँ पदस्थ रेंजर एमएस मरकाम के अथक प्रयासों ने इस योजना को क्रियान्वित किया और आज यहाँ इन एनीकटों का निर्माण हो सका।इन्ही के प्रयासों से इस छेत्र में आज वन्यप्राणियों के साथ किसानों को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है।

वन विभाग का एक सार्थक कदम

मजबूती की मिशाल पेश कर चुके इन एनीकटों को मुद्दा बनाकर आज भी वन मण्डल को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।अगर एनीकट गुणवत्ताविहीन होते तो नाले के तीव्र वेग पानी की थाप को एक पल भी नही झेल पाते, ये तो दो सालों से सीना ताने खड़े हैं।इन एनीकटों का निर्माण वन्यप्राणियों व स्थानीय लोगो के उपयोग हेतु वन विभाग का एक सार्थक कदम भी कहा जा सकता है।इसके बन जाने से किसानों को खेती के लिए पानी मिल सकेगा और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी।वन विभाग की यह योजना वास्तव में जनकल्याणकारी मानी जा रही है।

कटघोरा वनमंडलाधिकारी शमा फारूकी ने भी स्वयं वनपरिक्षेञ जड़गा जाकर इन एनीकटों का निरीक्षण किया है।जिसमे फारूकी जी ने भी बताया है कि एनीकट मजबूती के साथ अच्छे बने हैं और कुछ एनीकटों में थोड़े सुधार की जरूरत है लिहाजा उन्हें सुधार लिया जाएगा।फारूकी जी ने आगे बताया कि इसका सीधा लाभ वन्यप्राणियों की मिल सकेगा और यहाँ वन छेत्र में स्थानीय ग्रामीणों व किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा वे खेती करने के लिए भी इन एनीकटों का पानी उपयोग में ला सकेंगे।

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