अनिल अंबानी की कंपनी को लगा तगड़ा झटका, 14 अरब रुपए की गारंटी देने का आदेश

दिसंबर 2017 में किया था रिलायंस जियो से समझौता

नई दिल्ली :

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्‍यूनिकेशन (आरकॉम) को तगड़ा झटका देते हुए उनके अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) हासिल करने के लिए दो दिनों के अंदर कॉरपोरेट गारंटी के तौर पर सरकार को 14 अरब रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

दरअसल, आरकॉम रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड को अपना स्‍पेक्‍ट्रम बेचना चाहती है। कंपनी को इसके लिए सरकार से एनओसी लेना था, जिसके एवज में केंद्र ने आरकॉम से गारंटी देने को कहा था।

कंपनी इसके खिलाफ अपिलिएट ट्रिब्‍यूनल चली गई थी, जहां उसके हक में फैसला आया था। इसके बाद सरकार ने आरकॉम के खिलाफ याचिका दायर कर दी थी। कॉरपोरेट गारंटी की रकम अदा करने के बाद आरकॉम अपने हिस्‍से का स्‍पेक्‍ट्रम जियो इंफोकॉम को बेच सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिलायंस कम्‍यूनिकेशन की सबसिडियरी कंपनी रिलायंस रियल्‍टी लिमिटेड की ओर से कॉरपोरेट गारंटी जारी की जाएगी। ‘बिजनेस स्‍टैंडर्ड’ के अनुसार, कंपनी की ओर से कॉरपोरेट गारंटी जारी होने के बाद सरकार को एक सप्‍ताह के अंदर स्‍पेक्‍ट्रम बेचने को लेकर एनओसी जारी करना होगा।

TDSAT के फैसले को दी गई थी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: टेलीकॉम डिसप्‍यूट्स एंड सेटलमेंट अपिलिएट ट्रिब्‍यूनल (TDSAT) ने अपने 1 अक्‍टूबर के फैसले में आरकॉम को अपना स्‍पेक्‍ट्रम रिलायंस जियो को बेचने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद दूरसंचार विभाग (टेलीकॉम डिपार्टमेंट) ने TDSAT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

दूरसंचार विभाग ने शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल कर आरकॉम या जियो से बैंक गारंटी के तौर पर तकरीबन 29 अरब रुपये की मांग की थी।

अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। दिवालियापन की प्रक्रिया से बचने और बैंकों का कर्ज चुकाने की योजना के तहत आरकॉम ने दिसंबर, 2017 में मुकेश अंबानी की स्‍वामित्‍व वाली रिलायंस जियो के साथ 250 अरब रुपये का करार किया था।

आरकॉम को उम्‍मीद है कि सिर्फ वायरलेस एसेट्स (स्‍पेक्‍ट्रम, टॉवर आदि) को बेचकर 180 अरब रुपये जुटा लिए जाएंगे। कुछ रियल एसेट्स कनाडा की कंपनी ब्रूकफील्‍ड को बेचा जाना है। बता दें कि कंपनी पर 460 अरब रुपये का लोन है।

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