नवापारा के अनमोल शर्मा नई दिल्ली के शास. लाल बहादुर शास्त्री विवि में सहायक प्राध्यापक पद पर नियुक्ति

दीपक वर्मा

अभनपुर. नवापारा नगर के अनमोल शर्मा ने नई दिल्ली के शास. लाल बहादुर शास्त्री विवि में सहायक प्राध्यापक पद पर नियुक्ति प्राप्त कर समूचे अंचल को गौरवान्वित किया है। उन्होने भारत वर्ष के समस्त प्रतिभागियों के बीच कठिन प्रतिस्पर्धा में यह पद पाया है। मात्र दो पदों पर नियमित नियुक्ति में से एक पद पर उनकी नियुक्ति होने पर पूरे नगर एवं प्रदेश में हर्ष व्याप्त है। विदित हो कि उन्होने स्थानीय टीबीएस स्कूल से मीडिल की परीक्षा पास करने के बाद पूज्य श्री रमेश भाई ओझा जी के सांदीपनी विद्या निकेतन पोरबंदर से हायर सेकेण्डरी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की।

राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान जयपुर से शास्त्री एवं आचार्य की उपाधि प्राप्त करने के बाद जम्मू कश्मीर के डॉ हरि नारायण तिवारी जी के मार्गदर्शन में श्ध्वनि स्थापने व्याकरण दर्शनशास्त्रयोरवदानमश् विषय में पीएचडी की डिग्री हासिल की। साथ ही अनमोल शर्मा ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्यापन की पात्रता परीक्षा नेट जो कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होती है उसमें पूरे देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए उन्होने जूनियर रिसर्च फेलोशीप भी प्राप्त की जिसके लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने उन्हें सम्मानित भी किया।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली संस्कृत भाषा वाद विवाद प्रतियोगिताओं में तीन बार प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होने संस्कृत स्वर्ण शलाका भी प्राप्त किया। श्रीमद भागवत गीता सहित अनेक ग्रंथ उन्हें कंठस्थ हैं। केन्द्र सरकार प्रवर्तित लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विवि भारत वर्ष का लब्ध प्रतिष्ठित संस्थान है। यहां पर संस्कृत के 21 विषयों के विभिन्न विभाग हैं जहां अध्ययन अध्यापन का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।

विभिन्न विषयों पर नियमित नियुक्ति के लिए निकले विज्ञापन में हजारों प्रतिभागियों के बीच 142 प्रतिभागी साक्षात्कार के लिए साहित्य विभाग में बुलवाए गए थे। जिसमें से दो का चयन किया जाना था जिसमें एक पद पर अनमोल शर्मा की नियुक्ति होने पर अंचल में हर्ष व्याप्त है। अनमोल नगर के पं. ब्रम्हदत्त शास्त्री के सुपुत्र एवं भारतीय सेना में मेजर गोवर्धन शर्मा के भतीजे हैं।

ब्रम्हदत्त शास्त्री ने बताया कि चिरंजीव अनमोल का इस पद पर चयन प्रभुकृपा ,प्रतिभा, परिश्रम व प्रारब्ध का अद्भुत संयोजन है नियंक्ति की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता व पवित्रता को सर्वोपरी स्थान दिये जाने के कारण यह संभव हुआ. अनमोल ने बताया कि हमारे जीवनधन, प्राण, पूज्य श्री भाईश्री जी की स्नेहिल छत्रछाया व उनके सांदीपनी विद्या निकेतन के आदर्श संस्कार व राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान जयपुर के हमारे गुरुजी डॉ.रामकुमार शर्मा जी का अध्यापन व उनका मार्गदर्शन मेरी सफलता के निर्णायक स्तंभ हैं।

इस पद पर चयन होने पर उन्हें पूरे देश भर से शुभकामनाएं दी जा रही है। पूज्य श्री भाई श्री रमेश भाई ओझा, बोबड़े जी, आचार्य रामकुमार शर्मा जयपुर, जैजै श्री द्वारिकेश लाल जी, डॉ सरल अवस्थी रीडर लखनऊ विवि, डॉ सरोज बेन जोशी राजकोट, प्रो रमेश कुमार पाण्डेय जी कुलपति,एल.बी.एस विद्ययापीठ, प्रो भगीरथी नंद,विभागाध्यक्ष, गणेश कौशिक, चिंतामणी महाराज, संस्कृत बोर्ड के प्रकाशनंद मिश्रा, ब्रजमोहन रामजी लाल अग्रवाल, भारत सिंह जी हाडा,नत्थूलाल पुजारी सीताराम पुजारी, आनंद आशीष शर्मा, महेश रामेश्वर शर्मा भिलाई, गिरीश बिस्सा, भाई विद्याभुषण, पवन पथमेड़ा, संतोष उपाध्याय, अमितेष शुक्ल, धनेन्द्र साहू, अशोक बजाज, चंद्रशेखर साहू, कमल भाई अढिया जी नवापारा राजिम के विप्र समाज के मधुसूदन शर्मा, आरबी शर्मा सर, आचार्य रमाकांत शर्मा, श्यामकिशोर शर्मा, रिषभचंद बोथरा, राज-विजय बोथरा, डॉ राजेन्द्र गदिया, डॉ टीएन रमेश, डॉ बलजीत सिंग, डॉ मनजीत सिंग, लालचंद बंगानी, एन.जे.लाल सर, कौर मैडम, पं. ़ऋषभ शास्त्री पंडित परिषद के अर्जुन नयन तिवारी एवं विप्रगण तथा चित्रोत्पला शिक्षण समिति के मनमोहन अग्रवाल, पारस झाबक, मोहन गिरधारी अग्रवाल, अमर माखीजा, अशोक अग्रवाल देवरी, विजय गोयल, ललिता अग्रवाल, अनिल जगवानी,रतिराम साहू, मुकुंद मेश्राम, साधना सौरज, नगरवासी सहित मित्रजनों ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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