राष्ट्रीय

‘अनशन’ की राजनीति पर भड़के अन्ना, राजनेताओं पर कसा तंज

मुंबई। महात्मा गांधी ने अन्याय के विरुद्ध अहिंसक मार्ग से लड़ाई लड़ने के लिए अनशन जैसा साधन आम देशवासी को दिया था। लेकिन वर्तमान समय में राजनीतिक दलों के लोग इस साधन का इस्तेमाल एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए करने लगे हैं। इससे अनशन जैसे अहिंसक साधन का मजाक उड़ाया जा रहा है। वरिष्ठ समाजसेवक अन्ना हजारे ने अहमदनगर जिले में स्थित गांव रालेगण सिद्धि में अनशन पर यह विचार व्यक्त किया।

अन्ना ने कहा कि अनशन के लिए अनशनकारियों का उद्देश्य शुद्ध होना जरूरी है। यह सत्याग्रह का मार्ग है और इसके लिए नैतिकता की ताकत का भी होना जरूरी है। इससे पहले दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ राहुल गांधी ने अनशन किया था और अब राहुल गांधी को शह देने के लिए भाजपा अनशन कर रही है।

इस तरह का अनशन गांधी के विचारों के अनुरूप नहीं है। बता दें कि भाजपा नेताओं ने गुरुवार को अनशन करने का निर्णय लिया। भाजपा संसद सत्र नहीं चलने देने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रही है। इसलिए भाजपा ने आज देश भर में उपवास और धरना देने का आयोजन किया। इसी के तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह धारवाड़ के डीसी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं इससे पहले राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता भी अनशन पर बैठे थे।

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