फरार इंडियन हैकर्स गिरोह का एक और सदस्य जबलपुर से गिरफ्तार

रायपुर।

राजधानी के पंडरी के व्यावसायिक सहकारी बैंक के यश बैंक के दो खाते को हैक कर 2 करोड़ 47 लाख की रकम उड़ाने वाले हैकर्स गिरोह के आठवें सदस्य को रायपुर पुलिस ने जबलपुर के धनवंती नगर में दबोच लिया।

पुलिस उसे लेकर रायपुर पहुंची। मूलतः उप्र के भदोही जिले के ग्राम राजापुर घोंघई थाना अवराई निवासी रवि कुमार प्रजापति (21) ने पूछताछ में बताया कि बीस फीसद कमीशन पाने के लालच में उसने अपने आठ बैंक खातों में 20 लाख रुपये ट्रांसफर कराया था।

इसके बाद में दस लाख रुपये निकाला था और मास्टर माइंड एनआरआइ को दिया था। इसके एवज में उसे दो लाख रुपये कमीशन मिले थे। पुलिस नाइजीरियन हैकर्स गिरोह के इंडियन नेटवर्क से जुड़े लोगों को दबोचने का प्रयास लगातार कर रही है।

एडिशनल एसपी ग्रामीण सुखनंदन राठौर, डीएसपी क्राइम अभिषेक माहेश्वरी, क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्विन राठौर ने शनिवार शाम को पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रवार्ता ली। उन्होंने बताया कि अब तक एक नाइजीरियन हैकर्स समेत गिरोह के आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

तफ्तीश में पता चला कि मूलतः दिल्ली निवासी एनआरआइ ने नाइजीरियन हैकर्स के साथ कनाडा, चीन में बैठकर पहले सूरत स्थित टैक्सटाइल्स कोऑपरेटिव बैंक के आइपी एड्रेस को हैक किया। हैक्ड आइपी से रायपुर स्थित यश बैंक के दो खाते में सेंध लगाकर उसमें जमा 2.47 करोड़ रुपये एनईएफटी और आरटीजीएस के जरिए 26 खातों में ट्रांसफर कर दिए। वारदात को तब अंजाम दिया जब 7 व 8 नवम्बर को बैंकों में छुट्टी थी।

90 फीसद रकम रिकवर

डीएसपी क्राइम ने बताया कि शिकायत मिलने पर साइबर सेल की टीम ने विभिन्ना बैंकों के प्रबंधन के साथ मिलकर छुट्टी के दिन बैंकों को खुलवाकर 2.22 करोड़ रुपये हैकर्स गिरोह के हाथ लगने से पहले होल्ड करा लिए। यानी 90 फीसद रकम रिकवर कर ली गई। 25 लाख रुपये गिरोह के सदस्य आहरण कर चुके थे। देशभर में हैकिंग की घटनाओं में अब तक सबसे बड़ी रकम की रिकवरी हुई

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