दिल्ली में एक और मॉब लिंचिंग, शख्स की पीट-पीटकर भीड़ ने की हत्या

उत्तम नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज

नई दिल्ली:

दिल्ली में चोरी के संदेह पर एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। भीड़ ने तीनों लोगों की पिटाई की, जिसमें से एक की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर है।

ऑटोरिक्शा चालक और दो अन्य लोगों को खंभे से बांधा और लोगों ने उनकी पिटाई की। उत्तम नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तीनों को खंभे से करीब 5 घंटे तक बांधे रखा। पुलिस ने बताया कि दोनों ने कथित रूप से बैट्री चुराई थी और उसे कुमार के ऑटोरिक्शा में रखा था। उन्होंने बताया कि एक आरोपी को पकड़ लिया गया है और अन्य की तलाश की जा रही है।

आरोपियों ने पुलिस को फोन करने के बजाय तीनों को मोहन गार्डन में ले गए और उन्हें खंभे से बांध दिया। उन्हें अस्पताल ले जाने से पहले कम से कम पांच घंटे तक पीटा गया। अविनाश की गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई, जबकि अन्य दो पुरुषों को गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया है।

अविनाश की मां कुसुम लता (48) ने कहा कि उनका बेटा रात में ऑटोरिक्शा चलाता था। शनिवार को उन्हें अविनाश के नंबर से फोन आया। किसी ने उनसे एक निश्चित स्थान पर आने के लिए कहा।

जब वह और उसके पति विनोद कुमार मौके पर पहुंचे, तो उन्हें अपने बेटे के आस-पास कम से कम 250 लोगों की भीड़ मिली। तीनों को खंभे से बांध पीटा जा रहा था।

उन्होंने कहा, ‘लोग उन्हें गालियां दे रहे थे और उन्हें चोर बुला रहे थे। अविनाश ने मुझे देखा और मदद के लिए रोया। जब मैंने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो भीड़ ने मुझे धक्का दे दिया।

यह कम से कम एक घंटे तक जारी रहा।’ जब उसके पति ने पुलिस को फोन करने की कोशिश की, तो भीड़ में से किसी ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। कोई भी उनके बेटे के बचाव में नहीं आया। वहां मौजूद लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में लगे थे।

मृतक के माता-पिता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को सार्वजनिक रूप से पांच घंटे तक पीटा गया, लेकिन पुलिस को इस घटना के बारे में पता भी नहीं चला। वो समय पर पहुंचते तो अविनाश को बचाया जा सकता था। पीड़ित अपने माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया है।

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