उत्तर बस्तर कांकेर : मछली पालन से शंकर को मिल रही आमदनी

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ-साथ उनके आर्थिक विकास में लगातार वृद्धि हो रही है।

उत्तर बस्तर कांकेर 24 नवम्बर 2021 : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ-साथ उनके आर्थिक विकास में लगातार वृद्धि हो रही है। ग्रामवासियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मनरेगा योजना नीव की पत्थर साबित हुई है। जनपद पंचायत कांकेर अंतर्गत ग्राम पंचायत धनेलीकन्हार के हितग्राही शंकर द्वारा 01 हेक्टेयर भूमि में स्थल चयन कर महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत डबरी का निर्माण कराया गया। निजी डबरी निर्माण कार्य के लिए हितग्राही को 2.914 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई।

हितग्राही शंकर ने बताया कि पूर्व में आय का साधन एक मात्र कृषि होने के कारण परिवार का पालन-पोषण करने में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। कृषि कार्य पूर्ण रूप से वर्षा पर निर्भर होने के कारण आय बहुत कम होता था, इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के चलते वर्षा की कमी या सूखे की स्थिति से फसल उत्पादन ठीक से नहीं हो रहा था।

उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार अपने दैनिक जीवन में आवश्यक वस्तुओं को खरीदने, अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य लाभ देने में असमर्थ होते हैं, ऐसी स्थिति में शासन द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं से रोजगार मूलक कार्य से ग्रामीण लाभान्वित हो रहे हैं।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजनां

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजनांतर्गत शंकर ने निजी डबरी निर्माण कार्य कराया और मछली पालन हेतु संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर मछली बीज प्राप्त किया, साथ ही डबरी का उपयोग कृषि में सिंचाई के लिए किया जा रहा है। पूर्व में हितग्राही द्वारा एक फसली खेती किया जाता था। डबरी निर्माण के बाद ग्रीष्म ऋतु में भी खेती व सब्जी उत्पादन किया जा रहा है,

जिसके परिणाम स्वरूप अपने खेत में धान की फसल, सब्जी एवं गुलाबी चना का उत्पादन कर शंकर को प्रतिमाह 15 से 20 हजार रूपये तक की आय प्राप्त हो रही है। शासन द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं का लाभ लेने से ग्रामीणों का आर्थिक एवं सामाजिक स्तर ऊंचा उठने लगा है। हितग्राही द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत कराए गये इस कार्य के लिए राज्य शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया है तथा आसपास के ग्रामीण एवं अन्य किसानों को भी इस योजना से जुड़कर अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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