दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ से जुड़ी याचिका को किया रद्द

कोर्ट का कहना है कि इसे बतौर पब्लिक सूट, फिर से दायर किया जाए।

फैशन डिजाइनर पूजा महाजन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विवादित फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर बैन लगाने की मांग की थी।

सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका को रिजेक्ट कर दिया। कोर्ट का कहना है कि इसे बतौर पब्लिक सूट, फिर से दायर किया जाए।

बता दें कि इस याचिका में पूजा का कहना है कि, फिल्म के जरिए देश की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि, फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका में अनुपम खेर हैं।

फिल्म का निर्देशन विजय रत्नाकर गुट्टे ने किया है। फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय बारू की भूमिका निभा रहे हैं जो कि पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार थे। बरू की किताब पर इस फिल्म को बनाया गया है।

याचिका में कहा गया था कि, प्रधानमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है। पूर्व प्रधानमंत्री की इमेज को खराब करने के लिए दिखाए जा रहे प्रोमो पर तुरंत रोक लगाई जाए।

इस फिल्म के जरिए न सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री बल्कि देश के तमाम लीडर और देश की छवि खराब होगी। फिल्म के ट्रेलर में जो कुछ भी दिखाया जा रहा है वह भ्रमित करने वाला है।

यह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की किताब से काफी अलग है। यह फिल्म तथ्यों पर आधारित न होकर मनगढ़ंत तरीके से बनाई गई है।

अनुपम खेर की फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर हो रहे विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहे।

फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका निभाने वाले अभिनेताअनुपम खेर और अक्षय खन्ना सहित अन्य कलाकारों के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर की एक कोर्ट में शिकायत दर्ज की गई है।

शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि, फिल्म के जरिए देश के कई बड़े राजनेताओं की छवि खराब करने की कोशिश की गई है।

फिल्म को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब देने के लिए अनुपम खेर ने भी पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था कि, फिल्म को संजय बारू की किताब में लिखे गए फैक्ट्स पर बनाया गया है।

सेंसर बोर्ड को देखाने के बाद हमने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया और अब 11 जनवरी को इसे रिलीज कर रहे हैं।

अनुपम खेर ने पिछले दिनों ट्वीट किया था कि, ‘डियर यू-ट्यूब, मुझे हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों से फोन और संदेश आ रहे हैं कि उन्हें फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर यू-ट्यूब पर दिखाई नहीं दे रहा है।

अगर वे ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ टाइप कर रहे हैं तो उन्हें 50वें पायदान तक फिल्म का ट्रेलर दिखाई नहीं दे रहा है, जबकि हम नंबर एक ट्रेंडिंग कर रहे थे। कृपया मदद कीजिए।’

फिल्म पर हो रही कंट्रोवर्सी पर अक्षय खन्ना ने कहा था कि, ‘जब आप किसी राजनीत‍िक व‍िषय पर फिल्म बनाएंगे तो उस पर कई तरह की बातें होंगी।

सच्ची घटनाओं पर बनने वाली फिल्म पर लोगों के र‍िएक्शन आना स्वाभाविक है। हमारे लिए निराशा की बात तब होती जब ट्रेलर पर कोई प्रत‍िक्र‍िया नहीं आती।

मैं विरोध कर रहे लोगों से बस इतना कहना चाहता हूं कि, यह सिर्फ एक फिल्म ही है, कोई सुनामी या फिर भूकंप नहीं है।’

फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के ट्रेलर में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कार्यकाल के दौरान हुए राजनैतिक बदलाव और उस समय की राजनीतिक स्थित को दर्शाया गया है।

खास तौर पर शुरुआत इस बात से की जाती है कि महाभारत में दो परिवार थे लेकिन भारत की राजनीतिक परिस्थित में सिर्फ एक परिवार है।

डॉ. मनमोहन सिंह को भीष्म पितामह की संज्ञा दी गई है जिनमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन सोनिया गांधी ने ही डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना था।

इसके बाद क्या-क्या हुआ यह ट्रेलर बयां करता है। इस बात को कहने की कोशिश की गई है कि डॉ. मनमोहन सिंह पार्टी के प्रेशर के चलते अपने निर्णय स्वतंत्र होकर नहीं ले पाते थे।

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