जब अनुपम खेर अपनी पत्नी के लिए इस दुकान पर वोट मांगने पहुंचे तो जानते हैं क्या हुआ ?

खुद सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

चंडीगढ़ : बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर (Anupam Kher) इन दिनों चुनाव प्रचार के अभियान के लिए चंडीगढ़ (Chandigarh) में मौजूद हैं. चंडीगढ़ में वह किरण खेर (Kirron Kher) के लिए वोट मांग रहे हैं. वह चंडीगढ़ की गलियों में घूम-घूमकर प्रचार करते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान अनुपम खेर (Anupam Kher) के सामने ऐसी परिस्थिति हो गई कि वह निशब्द हो गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो में अनुपम खेर (Anupam Kher) जब वोट मांगने के लिए एक दुकान में पहुंचे तो दुकान में मौजूद शख्स ने अनुपम खेर (Anupam Kher) से सवाल दाग दिए. दुकानदार के हाथ में बीजेपी का 2014 चुनावों का मेनिफेस्टो था. बीजेपी के घोषणा पत्र को दिखाते हुए दुकानदार ने अनुपम खेर (Anupam Kher) से पूछा कि क्या आप बता सकते हैं कि बीजेपी (BJP) ने जो वादे किए थे उनमें से कितने वादे पूरे किए गए हैं. अनुपम खेर (Anupam Kher) ने दुकानदार का जवाब नहीं दिया और हाथ जोड़कर वहां से चलते बने.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अनुपम खेर (Anupam Kher) ने खुद अपने अकाउंट पर वीडियो को शेयर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी. अनुपम खेर (Anupam Kher) ने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि कल किरण खेर (Kirron Kher) के चुनाव प्रचार के दौरान ऑपोजिशन वालों ने दो लोगों को दुकान में प्लांट किया था. मुझसे बीजेपी (BJP) के 2014 के घोषणा पत्र पर सवाल पूछने के लिए. अनुपम खेर (Kirron Kher) ने लिखा कि मैंने पीछे खड़े आदमी को वीडियो बनाते हुए देखा सो मैं आगे बढ़ गया. आज उन्होंने वीडियो जारी किया. वीडियो अपलोड करते हुए उन्होंने लिखा कि दाढ़ी वाले की हरकतें देखिए.

चंडीगढ़ में चुनाव प्रचार के दौरान अनुपम खेर (Anupam Kher) को अजीबो-गरीब परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. सोमवार को भी कुछ इसी तरह की स्थिति का सामना खेर को करना पड़ा था. सोमवार को अनुपम खेर (Anupam Kher) को एक रैली को संबोधित करना था. लेकिन रैली के लिए भीड़ नहीं जुटी. जिसकी वजह से रैली को कैंसिल करना पड़ा लेकिन यह मामला अखबारों की सुर्खियां बन गया. जिस पर अनुपम खेर (Anupam Kher) ने मीडिया को निशाने पर लिया. उन्होंने लिखा कि मैंने 515 फिल्में की हैं लेकिन सभी हिट नहीं हुई हैं. एक रैली की तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था कि ‘मुझे उम्मीद है कि जिन अखबारों ने कम भीड़ की वजह से मेरी रैली रद्द होने वाली खबरों को प्रकाशित किया, वह आज के इस रैली की तस्वीर को भी जगह जरूर देंगे. तब मैं मानूंगा कि वे न्यूट्रल हैं.’

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