अमेठी के अलावा नांदेड़ और छिंदवाड़ा से अपनी किस्मत आजमा सकते है राहुल

छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व कमलनाथ करते रहे हैं

नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर सियासी पारा मेँ गरमा गर्मी के माहौल के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी के अलावा महाराष्ट्र के नांदेड़ और मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से अपनी किस्मत आजमां सकते हैं। महाराष्ट्र की नांदेड़ और मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट को कांग्रेस का गढ़ के रूप में देखा जाता है।

छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व कमलनाथ करते रहे हैं और वो मौजूदा समय में मध्य प्रदेश के सीएम हैं। इसके साथ ही नांडेड़ महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण का संसदीय क्षेत्र है और कांग्रेस वहां से चुनावों में विजयी रही है।

अब सवाल ये है कि अगर राहुल गांधी तीन जगहों से चुनाव लड़ते हैं तो उसका अर्थ क्या है। क्या, कांग्रेस को डर लग रहा है कि इस दफा अमेठी से राह आसान नहीं होगी। जानकारों का कहना है कि दरअसल इस डर के पीछे वजह भी है।

आम चुनाव 2014 में राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी ने स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा था। स्मृति ईरानी के लिए अमेठी निर्वाचन क्षेत्र नया था। लेकिन महज 15 दिनों के जबरदस्त चुनावी अभियान में उन्होंने फिजा बदल दी। स्मृति ईरानी के चुनावी प्रचार का असर नतीजों में भी दिखाई दिया। अमेठी से जहां कांग्रेस प्रत्याशी और विरोधी उम्मीदवारों के बीच अंतर पांच लाख वोटों से ज्यादा होता था वो अंतर सिमट कर महज एक लाख रह गया।

जानकार बताते हैं कि स्मृति ईरानी भले ही अमेठी से चुनाव हार गईं हों। उन्होंने अमेठी को अपना घर बना लिया। पिछले साढ़े चार वर्षों में शायद ही ऐसा कोई महीना रहा हो जब वो अमेठी में न रहीं हों। ये बात सच है कि एसपी और बीएसपी ने कांग्रेस को वॉक ओवर दे दिया है।

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