स्वच्छ भारत मिशन अभियान में सहयोग प्रदान करने की अपील

कोरिया : कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा ने जिले के 286 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को पत्र लिखकर स्वच्छ भारत मिषन अभियान के कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने की अपील की है। कलेक्टर श्री दुग्गा ने ग्राम पंचायत सरपंचों को जारी पत्र में कहा है कि स्वच्छता का जीवन में विषेश महत्व है। इसी बात को ध्यान में रखकर षासन के द्वारा स्वच्छ भारत अभियान का संचालन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सर्वाधिक प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में से एक है। क्योंकि स्वच्छता का सीधा प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पडता है और स्वस्थ व्यक्ति ही विभिन्न कार्यों के साथ परिवार, समाज और देष की तरक्की में बेहतर योगदान कर सकता है। उन्होने कहा है कि आपके नेतृत्व में संपूर्ण स्वच्छता की निगरानी हेतु ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। समिति में ग्राम पंचायत के पंचगण, आंगनबाडी कार्यकर्ता, मितानिन, षिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाएं और ग्राम पंचायत के सचिव षामिल है। उन्होने प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को समिति की प्रभावी बैठक आयोजित कर स्वच्छता कार्यक्रम की समीक्षा करने तथा ग्राम पंचायत में स्वच्छता पंजी का संधारण सुनिष्चित करने की बात कही है। उन्होने प्रत्येक तीज त्योैहार में सफलता आधारित गतिविधियों का आयोजन करने एवं प्रतिमाह स्वच्छता गुप्त मतदान आयोजित करने की भी बात कही है।
कलेक्टर श्री दुग्गा ने सरपंचों को जारी पत्र में कहा है कि स्वच्छ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक घर में षौचालय बनाने का कार्य आपके नेतृत्व में किया गया है। आपकी सक्रियता एवं प्रोत्साहन से अधिकांष व्यक्तियों ने षौचालय का नियमित उपयोग करना प्रारंभ कर दिया है। उन्होने क्षतिग्रस्त षौचालय व ऐसे षौचालय जिनमें तकनीकी रूप से कुछ कमी रह गयी है, उनका सुधार कराने की भी बात कही है। श्री दुग्गा ने कहा है कि खुले में षौच की प्रथा को बंद करने के लिए निगरानी समिति, टोका-टाकी दल का गठन किया गया है जिसके बेहतर परिणाम प्राप्त हुए है। इन दलों को आवष्यक मार्गदर्षन व प्रोत्साहन देकर इनकी सक्रियता बढाये जाने की आवष्यकता है। उन्होने इस कार्य में महिला स्वसहायता समूह वन समिति, आरोग्य समिति, जन प्रबंधन समिति, मितानिन, साक्षर भारत के प्रेरक व षिक्षकों को भी जोडने की बात कही है। उन्होने कहा है कि षासन के द्वारा खुले में षौच मुक्त स्थायित्व हेतु पुरस्कार दिया जा रहा है। ऐसी ग्राम पंचायतें जो एक वर्श तक लगातार खुले में षौचमुक्त के स्थायित्व को बनाये रखेगी उन्हें 5 लाख रूपये के पुरस्कार प्रोत्साहन स्वरूप दिये जाने का प्रावधान है। पंचायत राज अधिनियम में खुले में षौच करने की सामाजिक बुराई के रोकथाम के लिए जुर्माने का प्रावधान भी है। जहां आवष्यक हो पंचायतों को इन उपबंधों के अनुरूप कार्यवाही की जानी चाहिए। स्वच्छता का यह कार्य किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है वरन यह टीम भावना से किया जाने वाला कार्य हैं। कलेैक्टर श्री दुग्गा ने जारी पत्र में कहा है कि बीमारी के बचाव के लिए स्वच्छता जरूरी है। बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता पर विषेश ध्यान देकर किया जा सकता है। उन्होने सभी पंच एवं सरपंचों से गांव को स्वच्छ बनाये रखने के लिए बेहतर व्यवस्था करनें एवं क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामवासियों को स्वच्छता के प्रति और अधिक जागरूक करनें तथा षौचालय के नियमित उपयोग के लिए अभिपे्ररित करने की अपील की है । उन्होने पूर्ण विष्वास जताया है कि आपके नेतृत्व और ग्रामीणजनों के सहयोग से ग्राम पंचायत को खुले में षौच के अभिषाप से मुक्त करा सकेंगे।

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