पुलिस और सशस्त्र बल के जवानों से अपील : एक दिन के वेतन के बराबर की राशि अपने वेतन से काटने की सहमति अवश्य दें – एच.पी. जोशी

अधिकांश जवान कोविड 19 महामारी से निपटने के लिए 10 से 14 घण्टे तक भूख प्यास के बीच कड़ी से कड़ी ड्यूटी कर रहे हैं

पुलिस और सशस्त्र बल के जवानों से अपील

मेरे प्यारे साथियों/जवानों

कोविड19 महामारी (कोरोना वायरस) मानवता को अत्यंत खतरनाक और गहरे खाई में ढकेल चुकी है; जिससे आम जनता को बचाने के लिए आप सभी फ्रंटलाइन में काम करके अत्यंत चुनौती और जोखिम उठाने में लगे हुए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति कोविड 19 महामारी से अपनी प्राण न गवां दे। आप में से अधिकांश जवान कोविड 19 महामारी से निपटने के लिए 10 से 14 घण्टे तक भूख प्यास के बीच कड़ी से कड़ी ड्यूटी कर रहे हैं, हमारे कुछ साथियों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपनी शहादत भी दे दिया है। आज कोरोना वायरस की लड़ाई में चिकित्सा सेवा से जुड़े लोग और पुलिसकर्मियों का योगदान सबसे बढ़कर है। चिकित्सा और पुलिस विभाग के कर्मचारी ही आज मानवता की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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सरकार द्वारा कोरोना महामारी से निपटने के लिए अपने अपने राज्य के अधिकारी/कर्मचारियों से उनके एक दिन के वेतन के बराबर राशि दान करने की अपील की है। जिसे लेकर हमारे कुछ साथी जवान द्वारा असहमति प्रकट किया जा रहा है ये असहमति आपकी लोकतांत्रिक अधिकार है जिसका आप भरपूर स्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि मेरा भी यही मानना है कि पुलिस जवानों का वेतन बहुत कम है पुलिस जवानों की मांगें जायज और आवश्यक है। मैं जिन जवानों को जानता हूँ उनमें से अधिकतर जवान वेतन भत्तों में कमी के कारण अत्यंत सीमित संसाधन, कर्ज और उधारी में दबे हुए जीवन जीने को मजबूर हैं; जिनमें से मैं भी एक हूँ। इसके बावजूद मैंने अपने वेतन से एक दिन के वेतन के बराबर राशि इस कोविड19 के खिलाफ लड़ाई के लिए दान दिया है।

मैं अपने साथी जवानों से अपील करता हूँ कि वे अपने वेतन से एक दिन के वेतन के बराबर राशि काटने की सहमति दें क्योंकि असहमति हमें कलंकित करने वाली है। क्योंकि

“हम वो जवान हैं जो हमेशा अपने प्राणों की बलिदान देने तक अपने मातृभूमि और मातृभूमि में निवास करने वाले लोगों के लिए समर्पित हैं।”

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