मंहगे सेब और अखरोट सेहत पर नहीं जेब पर डालेंगे असर

बढ़ी कीमते जुलाई से लागू

नई दिल्ली। अमेरिका से आने वाले एग्रो प्रॉडक्ट्स पर अधिक इम्पोर्ट ड्यूटी लगाने के भारत के कदम से सेब और अखरोट के दाम जल्द बढ़ जाएंगे। अखरोट के खुदरा दाम 10-15 पर्सेंट बढ़ सकते हैं।

सेब उगाने वाले किसानों को जुलाई से शुरू होने वाले कटाई के सीजन में 8-9 पर्सेंट अधिक कीमतें मिल सकती हैं। इसके अलावा जुलाई से सेब की कीमतों में भी वृद्धि होगी। इससे जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के किसानों को फायदा होगा।

ड्राई फ्रूट की बड़ी इम्पोर्टर और प्रोसेसर VKC नट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर, गुंजन जैन ने बताया, ‘अखरोट पर इम्पोर्ट ड्यूटी मई में 30 पर्सेंट से बढ़ाकर 100 पर्सेंट की गई थी और अब इसे और बढ़ाकर अगस्त से 120 पर्सेंट किया जा रहा है।

इससे डिमांड पर असर पड़ेगा और खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी होगी।’ जैन ने कहा कि अखरोट का दाम अभी 450-550 रुपये प्रति किलोग्राम है और इसमें 70-80 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हो सकती है।

ट्रेडर्स का कहना है कि अखरोट का चिली और यूक्रेन से इम्पोर्ट भी बढ़ सकता है। जैन ने बताया कि ट्रेडर्स को यह स्पष्ट नहीं है कि अखरोट पर इम्पोर्ट ड्यूटी ऑस्ट्रेलिया, ईरान और अफगानिस्तान जैसे अन्य देशों पर लागू होगी या नहीं।

सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी अगस्त से 50 पर्सेंट से बढ़ाकर 75 पर्सेंट की जा रही है। देश में सेब का उत्पादन 15 लाख टन है और इसका सालाना 2.5 लाख टन इम्पोर्ट किया जाता है।

भारत के सेब के इम्पोर्ट का 50 पर्सेंट से अधिक अमेरिका से होता है। अमेरिका से सेब फरवरी-मार्च में भारत में कटाई समाप्त होने पर इम्पोर्ट होता है।

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