सेना के लिए 25 ALH MK- III हेलीकॉप्टर खरीदने को मिली मंजूरी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में आर्मी एविएशन के लिए 3,850 करोड़ रुपये की लागत से 25 एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा 4,962 करोड़ रुपये मूल्य के रॉकेट गोला-बारूद को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और परिचालन जरूरतों के लिए कुल 13,165 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है।

‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बढ़ावा

रक्षा मंत्रालय में बुधवार को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में हेलीकॉप्टर, निर्देशित युद्ध सामग्री और रॉकेट गोला-बारूद की मंजूरियां दी गई हैं। इसमें मुख्य रूप से हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर देते हुए आर्मी एविएशन के लिए 3,850 करोड़ रुपये की लागत से 25 एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी मिली है। आर्मी एविएशन में एक साल बाद महिला फाइटर पायलट भी होंगी जिसके लिए यह तैयारी की जा रही है।

क्यों इतने खास हैं ये हेलिकॉप्‍टर?

एमके 3 हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सेना के तीनों अंग करते हैं। यह हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है। इसे अलग-अलग मिशन में इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नौसेना के मुताबिक, इस हेलिकॉप्टर को 2 से 3 घंटे के भीतर लड़ाकू हेलिकॉप्टर से एयर ऐम्बुलेंस में बदल कर लोगों की जान बचाने के मिशन के लिए भेजा जा सकता है।

स्वदेशी सामान की खरीद को भी मिली मंजूरी

बिठक में इसके अलावा स्वदेशी डिजाइन और गोला-बारूद के विकास को बढ़ावा देते हुए डीएसी ने घरेलू स्रोतों से लगभग 4,962 करोड़ रुपये की लागत पर टर्मिनल गाइडेड मुनिशन (टीजीएम) और एचईपीएफ/आरएचई रॉकेट गोला बारूद की खरीद के लिए मंजूरी दी है।

बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग में भी किए गए संशोधन

रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की, बैठक में भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और परिचालन जरूरतों के लिए कुल 13,165 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है। राजनाथ सिंह ने पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) हेतु 4,353 करोड़ रुपये के अन्य प्रस्ताव मंजूर किये हैं। इसमें से 11,486 करोड़ (87 प्रतिशत) रुपये से खरीद घरेलू स्रोतों से की जानी है। इसके अलावा डीएसी ने उद्योग के लिए व्यापार करने में और आसानी सुनिश्चित करने के साथ-साथ खरीद दक्षता बढ़ाने और समय सीमा को कम करने के उपायों को सुनिश्चित करने के लिए बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग के एक हिस्से के रूप में डीएपी-2020 में कुछ संशोधनों को भी मंजूरी दी है।

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