बच्चों को सीखाएंगे कुछ ऐसी अच्छी आदतें तो कभी नहीं होंगे बीमार

बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहना चाहिए।

कहा गया है ‘हैल्थ इज वैल्थ अर्थात् स्वास्थ्य ही धन है’। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे अच्छी आदतों का पालन करें। उन्हें अपनी आदतों में सुधार इसलिए भी लाना चाहिए क्योंकि अच्छी आदतें ना सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बल्कि मानवता के लिए भी आवश्यक हैं।

1.सूर्योदय से पहले उठओ

बच्चों को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए उनको सुबह जल्दी उठाए। सूर्योदय के बाद भी जो बिस्तर पर सोया हुआ रहता है वह आलसी बन जाता है। सुबह वक्त से उठने वाले सारा दिन ताजगी का एहसास होता है। जो बच्चे सुबह जल्दी उठते हैं उनके निकट आलस कभी नहीं आता।

2.दांतों की सफाई

बिस्तर छोड़ने के बाद सबसे पहले बाथरूम से निपटकर नियमपूर्वक दांतों की सफाई करें। अपना ब्रश लेकर दांतों की सफाई ऊपर-नीचे करनी चाहिए। कभी भी दूसरे का ब्रश इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ब्रश पर टुथपेस्ट एक मटर के दाने जितना ही लें।

3.नाखूनों की सफाई

गंदे और बड़े नाखून अनेक बीमारियों की जड़ होते हैं। नाखूनों में छिपे कीटाणु भोजन के साथ पेट में चले जाते हैं। लंबे नाखूनों से कई बार खुद को चोट भी लग जाती है। एेसे में सप्ताह में एक बार नाखूनों की कटाई जरूर कर लें।

4.जो मिले, खुशी से खाओ

कुछ बच्चे खाते समय बहुत सारे नखरे करते हैं। दूध नहीं पीते बल्कि चाय पीना चाहते हैं। यह बुरी आदत है। भोजन में जो भी मिले, खुशी-खुशी अपनी इच्छा के मुताबिक खा लेना चाहिए। खाने से पहले रोना अच्छी आदत नहीं, इससे खाया-पिया शरीर को नहीं लगता है।

5.नित्य स्नान करें

कुछ बच्चे रोज नहीं नहाते। स्कूल जाने से पहले अपने बालों को भिगो कर फ्रैश हो जाते हैं। यह आदत अच्छी नहीं है। प्रतिदिन स्नान करके ही स्कून जाना चाहिए। इससे स्कूल में आलस्य नहीं आता। मस्तिष्क भी तरोताजा रहता है और पढ़ी हुई बातें समझ में आती है।

6.थूक लगाकर पन्ने ना पलटें

बहुत से बच्चे उंगली में थूक लगाकर किताबों-कापियों के पन्ने पलटते हैं। किताबों में छपी इंक कई सारी कैमिक्ल युक्त चीजों से बनी होती है। जब यह मुंह के रास्ते से पेट में जाती है तो कई सारी बीमारियां लग जाती है।

7.नियम से धोएं हाथ

गंदे हाथ ना जाने कितनी ही बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसी कारण से पढ़ने के बाद तथा खाने से पहले हाथों को अच्छे से धो लेना चाहिए।

8. कान में कलम या पैंसिल मत डालो

कुछ बच्चे कलम या पैंसिल को कान में डाल कर उससे कान खुजलाने का प्रयास करते हैं। किसी भी कठोर नुकीली चीज को कान में डालने से कान का पर्दा फट सकता है। माचिस की तीली, पिन, पैन या पैंसिल जैसी कोई भी वस्तु कान में नहीं डालनी चाहिए।

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