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एपीएसईजेड को सीएसआर गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिला

भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में ‘सीएसआर गतिविधि लागू करने वाले सर्वश्रेष्ठ उद्योग’ की श्रेणी में दूसरा पुरस्कार एपीएसईज़ेडएल को दिया गया।

अहमदाबाद: मुंद्रा (कच्छ) स्थित अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईज़ेड) लिमिटेड को एक वर्चुअल समारोह में, द्वितीय राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के आयोजन में सीएसआर गतिविधि लागू करने वाले सर्वश्रेष्ठ उद्योग की श्रेणी में दूसरा पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार जल शक्ति मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री रतन लाल कटारिया द्वारा दिया गया। यह पुरस्कार एपीएसईज़ेडद्वारा अपने सीएसआर गतिविधियों के एक हिस्से के रूप में किए गए कई जल संरक्षण गतिविधियों को मान्यता प्रदान करता है।

इस अवसर पर, गुजरात के मुंद्रा (कच्छ) स्थित एपीएसईज़ेड के कार्यकारी निदेशक श्री रक्षित शाह ने कहाकि “यह पुरस्कार पाकर हम बेहद प्रसन्न हैं, क्योंकि यह जल संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रमाण है।” राष्ट्रीय जल पुरस्कार भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालयकेजल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभागद्वारा दिये जाते हैं।

एपीएसईज़ेडकी सीएसआर गतिविधियांअदाणी फाउंडेशन द्वारा लागू की जाती हैं। गुजरात के कच्छ जिले में पानी की कमी और सूखे के कारण लोग पेयजल के लिए भूजल और पाइप द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले पानी पर निर्भर हैं। इस पानी में उच्च स्तर का टीडीएस (3500-5000 कम होकर 2400-3900 मिलीग्राम प्रति लीटर) मिलता है, जो क्षेत्र के निवासियों में हड्डी और गुर्दे के रोगों का कारण बनता है। इस समस्या के समाधान के लिए, अब तक 18 चेक डैम बनाए गए हैं, जो 637 हेक्टेअरके क्षेत्र को लाभ पहुंचाते हैं और 17.82 मिलियन एमसीएफटी की पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा, 44 तालाबों को गहरा किया गया है, जिससे भंडारण क्षमता में 23.67 एमसीएफटी की वृद्धि हुई है और 320 एकड़ का क्षेत्र लाभान्वित हुआ है। वर्षा जल का संचयन करने के लिए 10,000लीटर की भंडारण क्षमता वाले टैंक के साथ 54 घरों को तैयार किया गया है, 75 बोरवेल और 31परित्यक्त कुओं को रिचार्ज किया गया है। 800 से अधिक किसान इस पानी का उपयोग 1958 हेक्टेअर कृषि भूमि पर ड्रिप सिंचाई को लागू करने में करते हैं।

एक नज़र में देखें तो अदाणी फाउंडेशन की पहल से 350 तालाबों का गहरीकरण हुआ है और 20 चेक डैमों का निर्माण हुआ है, जिससे जल संग्रहण क्षमता बढ़कर 78.17.468सीयूएम हो गई है। संरक्षण के साथ, फाउंडेशन ड्रिप सिंचाई और बागवानी के विस्तार को प्रोत्साहित करके उपयोगकर्ता की दक्षता को बढ़ावा दे रहा है।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेडएल) भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट्स ऑपरेटर है, जो देश के लगभग एक-चौथाई कार्गो के आवागमन का प्रबंधन करता है। गुजरात, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के छह समुद्री राज्यों के 10 घरेलू बंदरगाहों में इसकी सक्रियता, इसकी सर्वाधिक व्यापक राष्ट्रीय मौजूदगी को दर्शाती है। ये बंदरगाह देश के दूरदराज के इलाकों से गहन रूप से जुड़े हुए हैं। बंदरगाहों में नवीनतम कार्गो-हैंडलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर हैं जो न केवल बेस्ट-इन-क्लास हैं, बल्कि भारतीय तटों पर सबसे बड़े जहाजों को संभालने में भी सक्षम हैं। हमारे बंदरगाह ड्राई कार्गो, लिक्विड कार्गो, क्रूड से लेकर कंटेनरों तक के विविध कार्गो को संभालने के लिए तैयार हैं।

अदाणी समूह भारत के प्रमुख व्यापारिक घरानों में से एक है, जिनका राजस्वक 39 बिलियन डॉलर से अधिक है। 1988 में स्थापित, अदाणी ग्रुप प्रमुख उद्योग कार्यक्षेत्रों – संसाधन, रसद, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के व्यवसायों में सक्रिय एक वैश्विक एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के रूप में विकसित हुआ है। यह एकीकृत मॉडल उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से अनुकूल है।

अदाणी फाउंडेशन के बारे में:
1996 में स्थापित, अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में 18 राज्यों में सक्रिय है, जिसमें देश भर के 2315 गाँव और कस्बे शामिल हैं। फाउंडेशन के पास प्रोफेशनल लोगों की टीम है, जो इनोवेशन, जन भागीदारी और सहयोग की भावना के साथ काम करती है।

3.4 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करते हुए अदाणी फाउंडेशन चार प्रमुख क्षेत्रों- शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, सतत आजीविका विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ सामाजिक पूंजी बनाने की दिशा में काम करता है। अदाणी फाउंडेशन ग्रामीण और शहरी समुदायों के समावेशी विकास और सतत प्रगति के लिए कार्य करता है, और इस तरह, राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान देता है।

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