छत्तीसगढ़राजनीति

प्रदेश में रकबा भी बढ़ा है, किसानों की संख्या भी बढ़ी: सीएम बघेल

धान खरीदी से पहले भाजपा के आरोपों पर मुख्यमंत्री जमकर बरसे

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में धान खरीदी से पहले भाजपा के आरोपों पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा अफवाह की फैक्ट्री है। भाजपा सरकार में 12 लाख किसानों से धान खरीदी होती थी, हमने 19 लाख किसानों का धान खरीदा। पिछले साल धान खरीदी का जो समय था, उस समय तक धान की खरीदी हुई। जो किसान बच गए, उनका भी धान खरीदा गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के अंतिम संस्कार कार्यक्रम से राजधानी लौटने के बाद मीडिया से चर्चा में सीएम बघेल ने कहा कि प्रदेश में रकबा भी बढ़ा है, किसानों की संख्या भी बढ़ी है। लोगों को हम पर भरोसा है। भाजपा सरकार पर किसानों को विश्वास ही नहीं था, तभी तो किसान धान नहीं बेचते थे।

इस बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सवाल उठाया है कि जब किसान बढ़े, खेत का रकबा बढऩे के साथ उत्पादन बढ़े तो सरकार धान खरीदी 2द क्विंटल क्यों नहीं कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धान खरीदी एक दिसंबर से करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत ना हो। केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों पर कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता पर इस तरह से कार्रवाई किया जाना निंदनीय है।

हिरासत में मौत पर बोले-हम छिपाते नहीं :

हिरासत में मौत पर सीएम ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इसकी जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी। भाजपा सरकार की तरह हम किसी चीज को छिपाते नहीं है।

भाजपा सरकार में हिरासत में कई मौत हुईं, लेकिन इसे छिपाने का रमन सरकार ने काम किया। बता दें कि पिछले दिनों सूरजपुर जिले में एक शख्स की पुलिस हिरासत में मौत की बात सामने आई थी।

उम्मीद है दिसंबर-जनवरी में गिरेगा कोरोना का ग्राफ

सीएम बघेल ने कहा कि कोरोना का पीक अगस्त और सितंबर में था। अक्टूबर-नवंबर में कोरोना के मामलों में कमी आई है। उम्मीद करते हैं कि दिसंबर-जनवरी में भी ग्राफ गिरेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार के विजय कुमार के दौरे पर उन्होंने कहा कि अभी चर्चा हुई है।

बैठक के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। मोदी सरकार नक्सलवाद के प्रति गंभीर पूर्व मंत्री और रायपुर दक्षिण के विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर सवाल उठाया है कि जब किसान बढ़े रकबा बढ़ा तो सरकार धान खरीदी 20 क्विंटल क्यों नहीं कर रही है।

अग्रवाल ने पूछा कि किसान बढ़ गए तो धान खरीदी क्यों नहीं बढ़ रही है। उन्होंने प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के बजाय स्वहित में लगी है।

किसान टोकन के लिए लाइन लगा रहे है , धान खरीदी को लेकर भयभीत है, प्रदेश में भय और आतंक का वातावरण है कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। प्रशासनिक व्यवस्रुा लचर है, मोदी सरकार ने नक्सलवाद को गंभीरता से लिया है। लेकिन पिछले दो साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली गतिविधियां बढ़ी है।

धान बेचने आज से मिलेगा टोकन, सप्ताहभर रहेगा वैध, तैयारियों की आनलाइन रिपोर्ट देने के निर्देश

छत्तीसगढ़ में एक दिसंबर से शुरू हो रही धान खरीदी के लिए शुक्रवार से टोकन मिलने लगेंगे। यह टोकन एक सप्ताह तक वैध रहेगा। निर्धारित तारीख तक धान नहीं बेच पाने वाले किसान नया टोकन ले सकेंगे।

वहीं, एक दिसंबर से धान खरीदी शुरू होने के बाद रकबे में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। यदि रकबे में कोई परिवर्तन या संशोधन की जरूरत हो उसे 30 नवंबर तक कराया जा सकेगा। इस वर्ष सरकार ने 90 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य तय किया है।

धान खरीदी की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने गुरुवार को बैठक ली। वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में संभागायुक्त, कलेक्टर व जिलों में धान खरीदी से संबंधित अन्य अफसरों के साथ मंत्रालय के आला अधिकारी भी शामिल हुए।

बता दें कि इस वर्ष धान बेचने के लिए 21.48 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष से 2.49 लाख अधिक है। किसानों की संख्या के साथ रकबा बढऩे से किसानों की सुविधा के लिए राज्य में लगभग 260 नए धान उपार्जन केंद्र खोले गए हैं।

धान खरीदी केंद्रों में चबूतरा निर्माण सहित वहां चारों तरफ सुरक्षा के लिए घेरा की व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, बारदाना, तालपतरी, कांटा-बांट सत्यापन, मास्चर मीटर, बोर्ड लगाने का कार्य खरीदी शुरू होने से पूर्व पूरा कर आनलाइन रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य के खरीदी केंद्रों में दो चरणों में सात हजार 620 चबूतरों का निर्माण कराने की स्वीकृति दी गई है। जहां चबूतरा निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है, वहां 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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