सेना के जवानों ने दिखाया जज्बा, लद्दाख में लगाए योग के आसन

पूरे देश में योग की लौ जलाने की कोशिश

भारतीय सुरक्षा बलों के जवानों ने गुरुवार को पूरे देश के साथ योग के आसन लगाए। चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जवानों ने पहाड़ों से लेकर समुद्र तक में जाकर योगासन किया।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने 18,000 फीट की ऊंचाई पर लद्दाख के ठंडे रेगिस्तान में सूर्य नमस्कार किया। वहीं, पूर्वी नौसेना कमांड के जवानों ने विशाखापत्तनम में बंगाल की खाड़ी में आईएनएस ज्योति पर योग के आसन किए।

इसमें पूर्वी नौसेना कमान के पनडुब्बी में तैनात जवानों ने भी भाग लिया। नौसेना के जवान केरल के कोच्चि में भी आईएनएस जमुना पर योगासन किया।

आंध्र प्रदेश में वाइस एडमिरल करमबीर सिंह, पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और नौसेना के कर्मी विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना कमान में योग किया।

इन सबके मिले—जुले प्रयासों से पूरा देश गुरुवार सुबह से ही योग में रमा रहा। इस मौके पर पीएम मोदी ने देशवासियों को चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिखराव के युग में योग जोड़ने का काम करता है।

यह मन-शरीर-आत्मा-बुद्धि को जोड़ता है। संपूर्ण मानवता को जोड़ता है। अपनी विरासत पर हम गर्व करेंगे तो दुनिया भी गर्व करेगी।

हर राज्य, हर जिले, हर शहर और गांव में योग दिवस की लौ जलाने के लिए मीडिया हाउसों ने भी अपना पूरा योगदाने दिया। योग दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारियां उन घरों तक पहुंचाई गईं, जिनका कोई भी सदस्य योग दिवस में हिस्सा नहीं ले सका।

योग के सर्वसमावेशी विकास पर पूरे विश्व को जागरूक करने के इन प्रयासों की शुरुआत वर्ष 2014 से हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पूरी दुनिया में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था।

इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2014 में घोषित किया था कि हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इस दिन का महत्व इसलिए भी है कि 21 जून साल का सबसे लंबा दिन होता है।

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