छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के करीब 13500 ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक काली पट्टी लगाकर कर रहे विरोध

स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीश सन्नाट ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ के सभी सदस्यों द्वारा जो कि छत्तीसगढ़ के सभी 5200 उपस्वास्थ्य केंद्रों पदस्थ है के द्वारा लगातार अपनी मांगों को लेके प्रदर्शन किया गया है।

रायपुर। Protest: स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में 12 दिसंबर दिन शनिवार आज सभी कोरोना वारियर्स ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे और सरकार का विरोध कर रहे हैं। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीश सन्नाट ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ के सभी सदस्यों द्वारा जो कि छत्तीसगढ़ के सभी 5200 उपस्वास्थ्य केंद्रों पदस्थ है के द्वारा लगातार अपनी मांगों को लेके प्रदर्शन किया गया है।

मीडिया प्रभारी बताते हैं कि वर्तमान की भूपेश सरकार के पूर्व छत्तीसगढ़ में हम सभी स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी अपनी मांगों को लेके अनिश्चित कालीन आंदोलन पर गए हुए थे। उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग 2800 ग्रेड पे रही है, जिसके लिए हम सभी ने ऐतिहासिक 47 दिनों का अनिश्चियकालीन हड़ताल की, जिसमें हमारे 1262 कर्मचारी बर्खास्त भी हुए। कांग्रेस की सरकार आने पर सभी हमारे कर्मचारी बहाल हुए और कांग्रेस सरकार के तमाम पदाधिकारियों ने जो अभी विधायक के साथ संसदीय सचिव भी हैं, उन्होंने हमारी सभी मांगों को जायज बताते हुए पार्टी के तरफ से पूर्ण समर्थन दिया था।

इसके आधार पर सभी स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी विश्वाश करते हुए अपनी बात को रखे थे पर आज स्थिति जस की तस है। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष टारजन गुप्ता और प्रदेश सचिव प्रवीण ढ़ीडवंशी ने बताया कि हमारे छत्तीसगढ़ के 5200 उपस्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ लगभग 13,500 से अधिक कर्मचारी 12 दिसंबर को काली पट्टी लगाकर विरोध करेंगे और कार्य करेंगे चूंकि हम स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अतिआवश्यक कर्मचारी हैं, जो लोगों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाते हैं आज हम कमर्चारियों की स्थिति ऐसे हो गई है कि कि हम पिछले कई सालों से अपनी एक ही मांगों को लेकर प्रर्दशन और हड़ताल करते आए, जिसका बजट बहुत ही कम है।

फिर भी सभी सरकार ने नकारा और इसका परिणाम सभी को देखने को मिला और वर्तमान की भूपेश सरकार ने हमें आश्वस्त किया कि हम कर्मचारियों की मांग को जल्द पूर्ण करेंगे। पंरन्तु स्थिति ये है कि आज सरकार के दो साल पूरे होने को हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। आने वाले दिनों में बहुत बड़ी आंदोलन स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के द्वारा किया जाएगा।

स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीश सन्नाट ने अंत मे बताया हम स्वास्थ्य विभाग के अंतिम और नींव कड़ी है, जिससे ही विभाग की कार्य शुरू होता है और यहीं पर खत्म। हरीश सन्नाट ने आगे बताया कि हमारे ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक फील्ड में तैनात रहते हैं और उनके द्वारा ही शासन की सभी योजनाओं और सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का सफल संपादन करते हुए अंतिम छोर तक पहुंचाया जाता है।

आज की स्थिति में इस कोरोना काल मे अगर सबसे ज्यादा काम सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ही कर रहा है और ऐसे स्थिति में 5,200 उपस्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ सभी स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी अभी काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे। शासन का ध्यानाकर्षण करेंगे। अगर शासन के तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया या मांग पूरी नहीं की जाती है, तो सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने के लिए बाध्य होंगे।

मीडिया प्रभारी ने आगे बताया कि अभी हमारे प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की योजना बन रही है। सरकार के द्वारा जिन 8192 टीकाकर्मियों को चिह्नित किया गया है, वो सभी स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के सदस्य हैं,जो अपनी मांगों के समर्थन में कभी भी हड़ताल में जा सकते हैं। आप सभी को बताते चलें ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पिछली सरकार के समय 47 दिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल में गए थे।

उस समय भारत सरकार द्वारा MR campaign में वैक्सीन का टीका लगाया जाना था, जो कि वैक्सीनेटर के हड़ताल के कारण पूरा प्रभावित हुआ और इसकी वजह से शासन को करोंड़ों रूपये का नुकसान हुआ था। आने वाले दिनों में कोरोना का वैक्सीनेशन होने वाला है। ऐसे समय में कर्मचारियों की नाराजगी कहीं छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीन पर ग्रहण न लगा दे।

अभी सभी स्वास्थ्यकर्मी सरकार से नाराज चल रहे हैं, सभी कर्मचारी 12 दिसंबर को काली पट्टी लगाकर अपने कार्य को संपादित करेंगे उसके बाद भी सरकार के द्वारा कोई भी प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो टीकाकर्मी स्वास्थ्य संयोजक महिला और पुरुष कभी भी अनिश्चिकालीन हड़ताल में जा सकते हैं

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