छत्तीसगढ़

अरपा उद्गम स्थल खोड़री में सदियोें से चली आ रही है अस्थि विसर्जन की परंपरा

भरत ठाकुर :

बिलासपुर। कोटा विधानसभा के अंर्तगत आने वाली अरपा नदी के उद्गम स्थल खोड़री में सदियों से अस्थि विसर्जन की परंपरा चली आ रही है।

अरपा नदी के उद्गम स्थल में पश्चिम से सोन नदी, दक्षिण से मलेनिया नदी और संगम के बीच अरपा का उद्गम स्थल सिद्व बाबा मंदिर के पास कुंड से स्रोत निकला है। जो आगे चल कर अरपा के रूप में प्रवाहित होता है।

जहॉ पर 30 दशक से स्वामी श्रीश्री सतानंद महाराज बेलगहना वाले के द्वारा सामुहिक विवाह का आयोजन होता रहा है। खोड़री में बड़ाआवनदाड़, खेगादाड़, रानीझार, नवापारा , बनझोलका के आदिवासी लोग आज भी अस्थि अर्पित करते हैं।

खोड़री में अभी भी सुविधाओं का अभाव है। संगम स्थल पर मौजूद मनोज केशरवानी, गोंविद प्रसाद केशरवानी, मूलचंद चौरसिया, अवधेश गुर्जर, राजकुमार दुबे, नलिनेश जैन, संतोष जैन, विष्णु चौरसिया, शिव गुर्जर, भावेश केशरवानी, शिवदास संत, फूलसिंह पेन्ड्रो, विश्वनाथ रजक, दीप चंद जैन, लखन लाल केशरवानी ने यहां नागरिक सुविधाएं बहाल करने की मांग की है।

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