छत्तीसगढ़

सहकारी बैंक नवागढ़ में हुई 58 लाख की चोरी के आरोपी गिरफ्तार

-बैंक लोन पटाने के लिए दिया था चोरी को अंजाम

दुर्ग/बेमेतरा।

जिला सहकारी बैंक नवागढ़ में गत 21 को हुई 58 लाख रुपए की सनसनीखेज चोरी के आरोपी को बेमेतरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने बैंक से लिए लोन को चुकता करने के लिए चोरी की घटना को अंजाम दिया था।

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज जीपी सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक नवागढ़ में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बैंक की शटर का ताला तोड़ कर लगभग 58 लाख 82 हजार 319 रुपए तिजोरी सहित चोरी कर ले गए थे। बैंक मैनेजर की रिपोर्ट पर थाना नवागढ़ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।

इस सनसनीखेज चोरी के आरोपियों को पकड़ने के लिए आईजी दुर्ग के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र गर्ग द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक बेमेतरा गायत्री सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में क्राइम ब्रांच के निरीक्षक ध्रुवकुमार मारकण्डे एवं क्राइम ब्रांच के 01 प्रधान आरक्षक व 05 आरक्षकों को शामिल किया गया था। टीम द्वारा लगातार चोरों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा था एवं मुखबिरों को सक्रिय किया गया था।

ऐसे मिला क्लू

कर्मचारियों को भी ग्रामीण क्षेत्रों में सादी वर्दी में ग्रामीणों के बीच रहकर सूत्र तलाशने में लगाया गया था। इसी दौरान मुखबिर से पता चला कि ग्राम कोैड़िया थाना नवागढ़ निवासी जसपाल सिंह व उसका भाई अमृत पाल सिंह एवं साहेब सिंह कुछ दिनों से अनाप शनाप राशि खर्च कर रहे है, जबकि दोनों की माली हालत ऐसी नहीं है कि वे बेहताशा खर्च कर सके। इस सूचना पर दोनों की गतिविधियों पर निगाह रखी गई एवं दोनों भाई की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर दोनों को हिरासत में ले कर पूछताछ किया गया। पूछताछ में दोनों ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक नवागढ़ में चोरी का अपराध करना कबूल करते हुए बताया कि उन पर एचडीएफसी बैंक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक नवागढ़, श्रीराम फायनेंस मुंगेली का लगभग 10 लाख रुपए का कर्ज है। इसके अलावा लगभग 8 लाख रुपए का लोन भी अपने निकट रिश्तेदारों से भी ले रखा था। कर्ज की उक्त राशि न पटा पाने के कारण ये बहुत परेशान थे। इससे छुटकारा पाने के लिये दोनों ने बैंक में चोरी करने की योजना बनाई।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

आरोपी अक्सर बैंक संबधी कार्य से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक नवागढ़ आते जाते रहते थे। इसलिए बैंक में आने वाली रकम और बैंक के अंदर के कमरो की पूरी जानकारी रखते थे। इनको ये भी पता था कि बैंक के अंदर शाम 7.30 बजे के बाद कोई कर्मचारी नहीं रहता है। इस वजह दोनों भाई ने एक राय होकर बैंक को लूटने की योजना बनाई।

योजनानुसार घटना दिनांक को शाम 6.30 बजे दोनो भाई मोटर साइकिल का टायर खोलने वाले लीवर रॉड को ले कर बैंक के लिए निकले। बड़ा भाई जसपाल कौडिया रोड में बिजली घर के पास रूक गया तथा छोटा भाई अमृत पाल सिंह अपने दोस्त कोमलजीत सिंह के साथ पीछे के गेट से अंदर गया और डेयरी लोन का कोटेशन ले कर बाहर आकर कोैडिया रोड में खड़े बडे भाई के पास गया, जबकि उसका दोस्त कोमलजीत सिंह अपने घर चला गया। दोनों भाई योजनानुसार 7.00 बजे बैंक के सामने आकर बैठ गए और बैंक के चपरासी के खाना खाने के लिए जाने का इंतजार करने लगे।

लगभग शाम 7.30 बजे बैंक का चपरासी जब खाना खाने के लिए चला गया तब ये लोग लीवर रॉड से चैनल गेट में लगे ताले को तोड़कर बैंक के अंदर प्रवेश किया तथा बैंक के पीछे दरवाजे से तिजोरी को बाहर निकाल कर मोटर साइकिल में लाद कर अपने घर ले गए। घर में रखे कटर जिसको इन्होंने तीन साल पहले खरीदा था, से काटकर रकम निकाल ली तिजोरी के कुछ भाग को बोरे में भर कर घर के छत में रखा व कुछ भाग को ग्राम कुटकुरा चौकी मारो के तालाब में फेंक दिया।

की थी फुल प्रूव प्लानिंग

आरोपियों ने ये बताया है कि वारदात के पहले इन्होंने भाठापारा से दस्ताना खरीदा था ताकि फिंगर प्रिंट ना आने पाए और दोनों आरोपी तिजोरी को चादर से ढककर ले गए थे तथा वारदात को अंजाम देने के बाद अपने पहने हुये कपड़ों एवं दस्ताने को जला दिए थे।

लूटी गई तिजोरी व 3 लाख की रकम बरामद

आरोपियों के निशानदेही पर ग्राम कुटकुरा चौकी मारो के तालाब से व घर के छत से तिजोरी के टुकड़े, अपराध में प्रयुक्त रॉड, कटर व मोटर साइकिल सीडी 100 बरामद किया गया है। साथ ही चोरी के रकम से खरीदे गए बुलेट मोटर साइकिल तथा महिला मित्र को खरीदकर दी गई हीरो कम्पनी की डयूक स्कूटी को भी जब्त किया गया है। गौरतलब है कि चोरी की 58 लाख रकम में से मात्र 3 लाख 15 हजार रुपए की रकम जब्त हो पाई है। बाकी रकम इनके द्वारा बैंक व रिश्तेदारों का कर्ज पटाने, कृषि उपकरणों की खरीदी मरम्मत एवं अय्याशी में खर्च करना बताया है।
-पुलिस की एसआईटी में ये रहे शामिल

उपरोक्त वारदात के आरोपियों को पकड़ने में क्राईम ब्रांच बेमेतरा की भूमिका रही है। क्राईम ब्रांच प्रभारी ध्रुव कुमार मारकण्डे के नेतृत्व में 01 हेड कांस्टेबल व 05 कांस्टेबल की टीम क्षेत्र के गांवो में ग्रामीणों एवं मुखबीरो के माध्यम से लगातार सूचना प्राप्त कर चोरी के आरोपी की पतासाजी करते रहे है।

मुखबिर की महत्वपूर्ण सूचना पर सनसनीखेज बैंक चोरी के आरोपी पुलिस के गिरफ्त में आये। पुलिस के इस सराहनीय कार्य के लिये पुलिस महानिरीक्षक जीपी सिंह द्वारा क्राईम ब्रांच की टीम को 30000 रुपए ईनाम की घोषणा की गई है।

सामने आई बैंक प्रबंधन की लापरवाही

आरोपियों को ये अच्छी तरह पता था कि बैंक में सुरक्षा के लिए किसी तरह का इंतजाम नहीं है तथा रात्रि में भी वहां कोई नहीं रहता। बैंक प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के प्रति बरती गई इस गंभीर लापरवाही के कारण ही दोनों भाई अपने योजनानुसार चोरी करने में सफल हुए थे।

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