11 साल की सौतेली बेटी के साथ कथित तौर पर बलात्कार, आरोपी गिरफ्तार

चकमा दिया लेकिन आखिरकार वह ओटीपी के जरिए पकड़ा गया

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज की रहने 33 वर्षीय व्यक्ति ने अपने 11 साल की सौतेली बेटी के साथ दो साल से अधिक समय तक कथित तौर पर बलात्कार किया। वारादत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने 33 वर्षीय आरोपी शख्स की तलाश शुरू की थी।

आरोपी दक्षिणी दिल्ली के मॉल में एक शोरूम एग्जीक्यूटिव

शख्स को बलात्कार करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी दक्षिणी दिल्ली के मॉल में एक शोरूम एग्जीक्यूटिव है। पुलिस आरोपी की पिछले दो महीने से तलाश कर रही थी। वह जनवरी में केस दर्ज होने के बाद फरार हो गया था। आरोपी ने दो महीने तक पुलिस को चकमा दिया लेकिन आखिरकार वह ओटीपी के जरिए पकड़ा गया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल 14 जनवरी को पीड़िता दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज की रहने वाली है। पीड़िती की मां ने पिछले साल पुनर्विवाह किया, जिसके बाद वह उनके घर में रहने आ गया।

भागने में कामयाब रही लड़की

पुलिस ने कहा कि लड़की 13 जनवरी को भागने में कामयाब रही और अपनी चाची के घर पहुंच गई। पीड़िता ने चाची को बताया कि जब से उसके उसका सौतेले पिता ने उनके साथ रहना शुरू किया तब से वह उसका यौन शोषण कर रहा है। उसकी चाची ने पुलिस से संपर्क किया और उसे चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले जाया गया, जहां यौन शोषण की पुष्टि हुई। इसके बाद केस दर्ज कर लिया गया।

डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) देवेंद्र आर्य ने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए कई टीमों का गठन किया गया। हालांकि, इससे पहले कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर पाती वह फरार हो गया। जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची, तो उन्हें केवल लड़की की मां मिली। पीड़िती मां ने ही घटनाक्रम के बारे में बताया।

इस बीच, जांच टीमों ने सुराग ढूंढना शुरू कर दिया लेकिन उन्हें पता चला कि आरोपी ट्रैक किए जाने से बचने के लिए लगातार अपने फोन नंबर बदल रहा था। वह हर बार एक नए नंबर के जरिए अपने रिश्तेदारों से संपर्क करता। वह व्हाट्सएप के जरिए ज्यादातर कॉल करता जिससे उसका पता लगाना और अधिक कठिन हो गया।

आगरा के पास एक गांव में छापा मारा

जांच अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पहले कॉल का पता लगाने के बाद आगरा के पास एक गांव में छापा मारा, लेकिन जब तक वे वहां पहुंचे, तब तक संदिग्ध निकल चुका था। फिर उसने एक नए नंबर से केरल में एर्नाकुलम के नजदीक एक रिश्तेदार को फोन किया। पुलिस उसे ढूंढने में फिर नाकाम रही। इसी तरह, कुछ दिनों बाद झांसी के पास एक गांव में आरोपी का नंबर ट्रेस किया गया लेकिन वह फिर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका।

हालांकि, पुलिस चौथी कोशिश में आरोपी को पकड़ने में तब सफल रही जब उसनेबस टिकट बुक कर चाहा। आरोपी ने बस टिकट बुक करने के लिए ऐप पर पंजीकरण नए मोबाइल नंबर रजिस्टर किस किया। इसके लिए उसने ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मंगाया।

इसके बाद जांच टीमों ने जल्दी से कंपनी से संपर्क किया और पता चला कि आरोपी ने मुंबई से शिरडी के लिए टिकट बुक किया था। इस बार पुलिस पहले से ही आरोपी को पकड़ने के लिए शिरडी में इंतजार कर रही थी। पुलिस ने शिरडी में आरोपी को धर दबोचा और उसे दिल्ली लाया गया।

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