धमतरी पुलिस की पिटाई करने वाले 13 गुर्गे गिरफ्तार

धमतरी : उल्टा चोर कोतवाल को डांटे ये कहावत धमतरी में सोमवार को कुछ उलट सी गई। डाटना तो दूर यहां सिविल ड्रेस में मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम की शराब माफियाओं और उनके गुर्गों ने जमकर पिटाई की। किसी तरह थाना प्रभारी सहित टीम जान बचाकर उल्टे पांव भागी। मामले में एएसपी कमलेश्वर चंदेल ने कहा कि, अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। घटना में एक एसआई की हाथ फैक्चर हुआ है। वहीं थाना प्रभारी सहित टीम में मौजूद पुलिस कर्मियों को अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दी गई। फिलहाल माहौल शांत है। पुलिस बल गांव में तैनात है, आगे और भी की गिरफतारी हो सकती है।

मामले में अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार :
इस मामले में 13 लोगों को गिरफतार किया गया है। इनमें मिलवाराम खूटे ,रामुराम खुटे, गोविंद बंजारे, सुरेश कुमार माथुर, सन्दीप माथुर, दिलीप माथुर, अशोक माथुर, जयनारायण खुटे, शीतकुमार खुटे, जीवन खुटे, दुलेश्वर चन्देल सहित एक अन्य शामिल हैं। घटना में एएसआई डी आर साहू , एस एल सिन्हा, नरसिंग साहू , आरक्षक भगवानी साहू , धनेश देवांगन , नरेश गिरी घायल हुए हैं। इनमें से 6 की गिरफ्तारी मंगलवार को और 7 आरोपी की गिरफ्तारी बुधवार को हुई है।

ये है घटनाक्रम :
प्रार्थी थाना प्रभारी पौरुष पुर्रे ने कहा कि, 16 अक्टूबर की रात भखारा थाना प्रभारी पौरुष पुर्रे, एएसआई डीआर साहू, एसएल सिन्हा, डीआर साहू, नरसिंग साहू, आरक्षक भगवानी साहू, नेश देवांगन व नरेश गिरी ग्राम सेमरा की तरफ पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। कोपेडीह से गुजरते समय मुख्य चौक के पास एक व्यक्ति को जरीकेन में कच्ची शराब ले जाते देखा तो पकड़ लिया। इस पर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस को घेर लिया। बांस, डंडा, लकड़ी समेत अन्य हथियारों के साथ भीड़ पुलिस पर टूट पड़ी। देर शाम घायल टीआई और एसआई को इलाज के लिए धमतरी के निजी अस्पताल भर्ती कराया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रिलीफ कर दिया गया। टीआई और एसआई के सिर, हाथ और पैर पर चोट आई है।

दो सालों से इस गांव में नहीं उठी डोली :
मामला भखारा थाना क्षेत्र की कोपेडीह गांव का है। बताया जाता है कि, इस गांव में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री की जाती है। कई बार अवैध शराब बिक्री को लेकर गांव में तनाव का माहौल रहता है। दरअसल यह वही गांव है जहां कभी महज इसलिए किसी भी युवती की शादी नहीं हुई क्योंकि गांव के अधिकांश परिवार अवैध शराब के कारोबार में लिप्त रहे। इसलिए 2 सालों तक किसी भी युवती की डोली नहीं उठी और ना ही किसी दहलीज में बहू ने कदम रखा। हालांकि गांव के बिगड़ते हालात को देखते हुए लोगों ने बैठक कर संकल्प भी लिया कि गांव में कोई शराब नहीं बेचेगा लेकिन बावजूद इसके शराब बिकना बंद नहीं हुआ बल्कि शराबबंदी के बाद इलाके में यह गांव अवैध शराब बिक्री का प्रमुख केंद्र बन गया।

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