वनरक्षक पर तीर कमान से हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मनराखन ठाकुर

पिथौरा। अभ्यारण्य अन्तर्गत के जंगल में गत दिन परिक्षेत्र के एक वनरक्षक तीर कमान के हमला से घायल हो गया था। जिसके शरीर में कमर उपर एक जगह तीर छेद कर धंस गया था। जिसकी स्थानीय वन अमलों को सूचना लगते ही सहयोगियों के साथ घायल अवस्था में उस वन रक्षक को जंगल से तत्काल वाहन से प्राथमिक उपचार के लिए पिथौरा ले जाया गया। जहां से वनरक्षक को रिफर होने बाद रायपुर के एक निजी अस्पताल में विभागीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में भर्ती कराया गया।

इस अस्पताल में ही चिकित्सकों की टीम ने सफल आपरेशन कर वन रक्षक के शरीर में फंसे तीर को निकाल कर उपचार किया जा रहा है। इधर विभाग हमले के दिन ही अज्ञात हमलावर को ढूढ़ने में एड़ी-चोटी से भीड़ गई थी। लेकिन दो दिनों तक उन्हें चौबीसों घंटे बीत जाने बाद भी अज्ञात आरोपी उनके गिरफ्त में नही आया था।

इसके लिए वन विभाग ने पुलिस बल के साथ कुछ गांव के घरों में घटना के दूसरे दिन से दबिश देना शुरू कर दिया था। लेकिन दूसरे दिन शनिवार को भी आरोपी अज्ञात ही रहा। इस दौरान कई दौर की छापेमार कार्यवाही चलाया गया।जिसमें डाग स्कावयड टीम की को भी शामिल किया गया। अनंतःतीसरे दिन घटना के आरोपी को ढूढ़ निकाला ही गया। जिसके उपर वन अपराध की धाराओं में कार्यवाही बाद पुलिस को वन विभाग ने सुपुर्द कर दिया है।

पुलिस भी आरोपी पर अपराधिक धारा में कार्यवाही में जुट गई है। आरोपी को आज 31 मार्च को करीब 1 बजे पुलिस अपनी गाडी़ से चरौदा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी मुख्यालय निवास से सीधे बलौदाबाजार के लिए निगल गई।जहां अधिकारिक तौर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया जाना बताया जा रहा है।वन विभाग के चरौदा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी सालिक राम डड़सेना ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम1972की धारा27,9,31,51एवं52में कार्यवाही की गई है।

बाद आरोपी देवलाल पिता थानीराम कमार उम्र36वर्ष को उन्होंने इस अपने कार्यवाही पश्चात थाना राजादेवरी व चौकी बया पुलिस के गिरफ्तार में सौपना बताया।पुलिस द्वारा उक्त भिथीडीह कमारडेरा आरोपी देवलाल पिता थानीराम के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा307,186,120बी व 27आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही करना भी चरौदा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया।आगे की कार्यवाही में न्याय को पुट करने की बात कही।

इसके पहले अधिकारी ने बताया कि कमारडेरा के साथ ही गिद्धपुरी व भिथीडीह में भी आरोपी के पकडे़ जाने के पहले दिन दबिश शाम तक दी गई थी।लेकिन उस दिन आरोपी को शाम होने की वजह से नही पकडा़ गया था।जिसे आज31मार्च की सुबह वन विभाग के आलाधिकारियों, डाग स्कावयड टीम एवं पुलिस की मौजूदगी में सुबह6बजे से पुछताछ करने से आरोपी ने स्वयं ही वनरक्षक को तीर से घायल करना स्वीकार कर लेना बताया।इसमें लगभग दो-तीन पुछताछ की बात की गई।

आरोपी के निशान देही पर उन्होंने आरोपी के कमारडेरा भिथीडीह स्थिति घर से कुल्हाड़ी व लूंगी जब्त करना बताया।साथ ही जंगल में से छिपाकर रखें तीरधनुष को चरौदा तालाब के नीचे वन कक्ष क्रमांक122से सयुक्त टीम ने निशान देही से ही बरामद करना बताया।

साक्ष्य मिटाने आरोपी ने अपने कमीज जलाने की बात भी अधिकारी ने कही।डिप्टी रेंजर चरौदा सालिक राम डड़सेना ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने सिलसिलेवार घटना को बताया।इस कार्यवाही में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी के.के.बिसेन, डीएफओ बलौदाबाजार विश्वेश झा,वन अधीक्षक बारनवापारा अभ्यारण्य शिशिर सिन्हा, वन अधीक्षक कसडोल यूकेएस ठाकुर, आचनकमार टाईगर रिजर्व के डाग स्कावयड टीम के साथ रेंजर आफिसर संदीप सिंह, राजादेवरी थाना टीआई के.के.कुशवाहा, चौकी प्रभारी बया संतोष साहू व पुलिस टीम में विनोद सिंह ठाकुर, आरक्षक प्रशांत स्वाई,कृष्णा भोई, मनोज साहू, ओंकार साहू, शिव सायतोडे़,लक्ष्मी कोसले,चितेश्वर ध्रुव एवं सहायक परिक्षेत्र अधिकारी आमगांव सुरेंद्र सिदार,पकरीद सहायक परिक्षेत्र अधिकारी संतोष माँझी सहित वन विभाग,पुलिस व डाग स्कावयड टीम का उन्होंने विशेष सहयोग बताया।उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना कार्यवाही में शामिल रहे।

अचानकमार टाइगर रिजर्व के रेंजर संदीप सिंह समेत वन रक्षक सुरेश नवल,वन रक्षक आशीष खरे डाग स्कावयड एवं सालिकराम डड़सेना सहायक परिक्षेत्र चरौदा को स्वयं प्रत्येक को एक-एक हजार रुपए प्रशासकीय की पुरस्कार राशि देने का मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी श्री बिसेन ने देने का निर्णय लेना बताया।

जो उक्त सभी चारो वन अमलों के सर्विसबुक में दर्ज होने की जानकारी उन्होंने दी।ज्ञ्यात हो कि परिक्षेत्र के जंगल में इस घटित घटना से पकरीद के वनरक्षक यगेश्वर सोनवानी की तीरधनुष के हमले से पसली में तीर जा धसने से घायल हो गया था।जिसका आज भी इलाज रायपुर के निजी अस्पताल एम.एम.आई.चल रहा है।

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