छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के कलाकार और निष्ठुर सरकार: राजेश अवस्थी

प्रदेश संयोजक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ

  • पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य फिल्म विकास निगम

भाजपा नेता राजेश अवस्थी ने कहा कि आज लगभग 10 महीने पूरे होने जा रहे हैं जब से यह कोरोना का काल आया है , कलाकारों के लिए बुरा हाल लेकर आया है, आज जो कलाकार अपनी आजीविका अपनी कलाकारी के माध्यम से चलाते थे उन्हें बहुत ही गंभीर आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है ऐसे समय में सरकार उनके तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है , छत्तीसगढ़ में बहुत बड़ी संख्या में लोग कलाकार है जिनको अगर एक महीना भी काम ना मिले तो उनकी स्थिति बुरी हो जाती है , मगर यहां लगभग 10 महीना होने आया है, उधर उसके पहले की बात करें तो संस्कृति विभाग का रवैया कलाकारों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं रहा है जब से कांग्रेस की सरकार आई है।

राजेश अवस्थी ने कहा कि सभी वर्गों से झूठे वादे किए और कलाकारों के लिए बड़ी बड़ी बात कर उन्हें भी धोखे में रखा , आज लगभग दो वर्ष से कलाकारों की सुध लेने के लिए भी उनके पास समय नहीं है, जबकि जब 15 साल से डॉ. रमन सिंह जी की सरकार थी उन्होंने किसी भी कलाकार में भेदभाव नहीं किया सभी को प्रमुखता से काम देने की कोशिश की कभी किसी पार्टी विशेष के रूप में नहीं देखा और उच्च स्तरीय कार्यक्रम अच्छे बजट के साथ देने की कोशिश की मगर यहां सरकार ऎसे व्यक्ति जो उनके पार्टी के समर्थक हैं

उन्हें काम नहीं मिला मगर जो उनके बंगले के चक्कर लगाए हैं उन्हें जरूर मुख्यमंत्री निवास में कार्यक्रम करने का अवसर मिला है जिससे सिद्ध होता है कि उनके संगठन के नेता भी मतलबी हैं एवं स्वयं अपना ही देखते हैं उनको अन्य कलाकारों से कोई लेना देना नहीं।

मुख्यमंत्री खुद रंग में रंगे नजर आए

हमने देखा कि पिछले कुछ समय पहले मुख्यमंत्री के निवास में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था जिसमें भारी संख्या में भीड़ थी , जिसमें मुख्यमंत्री खुद रंग में रंगे नजर आए थे एवं उसके बाद अनेकों बार सरकार की रैलियों में भीड़ देखने को मिली एवं विभिन्न कार्यक्रमों में संख्या की मात्र बहुत सही है उम्मीद थी कि कलाकारों के लिए जो विशेष पर्व होता है जैसे गणेश नवरात्रि दशहरा एवं राज्योत्सव ऐसे समय में भी उन्हें कार्यक्रम का कोई भी स्वीकृति नहीं मिल पाया है जबकि सरकार अपने फायदे के लिए मरवाही चुनाव में बड़ी बड़ी रैलियां कर रही है और वहां बड़े-बड़े साउंड लगाकर कार्य कार्यक्रम किया जा रहा है मगर किसी छोटे से पंडाल में माता की भक्ति के गानों को लाउडस्पीकर पर बजाने के लिए भी बैन कर दिया गया है

वर्चुअल सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

छत्तीसगढ़ियो की हित की बात करने वाली है सरकार झूठी निकली एवं कलाकारों के लिए एवं छत्तीसगढ़ की कला- संस्कृति के लिए निष्ठुर दिखाई दे रही है, इन्हें कोई मतलब नहीं है कि कलाकार को कुछ भी हो जाए उनका घर बर्बाद हो जाए अभी लॉकडाउन के दौरान हमारे छत्तीसगढ़ के एक कलाकार का आर्थिक संकट से जूझते हुए निधन भी हो गया था और कई बार पत्र-पत्रिकाओं में आने के बावजूद संस्कृति विभाग ने कभी सुध ही नहीं लिया

क्योंकि उनको अपने नरवा घुरवा से ही फुर्सत नहीं मैं आज इस विषय पर सिर्फ इतना कहना चाहता हूं की संस्कृति विभाग अगर चाहे तो केंद्र सरकार के तर्ज पर वर्चुअल सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर सकती है

जिससे सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कलाकार अपने स्थान पर रहकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने कार्यक्रम का प्रसारण पूरे विश्व में कर सकते हैं ,एवं सरकार की नियत अच्छी हो तो कलाकारों को अनुदान राशि भी प्रदान कर सकती है जिससे उनका आर्थिक संकट दूर हो सके।

फिल्म विकास निगम

राजेश अवस्थी ने कहा कि आज लगभग 2 वर्षों से फिल्म विकास निगम जिसकी स्थापना डॉ रमन सिंह जी ने की थी मेरे बाद कोई अध्यक्ष बन भी नहीं पाया है नहीं तो आज फिल्म उद्योग के लिए भी अनेकों कार्य हो जाते मुझे लगता है कि आने वाला समय सिर्फ कलाकारों को चुनावी उपयोग करने के लिए ही होगा उसके अलावा और कुछ नहीं क्योंकि सरकार के पास बजट तो है नही बड़े-बड़े वादे करके केंद्र सरकार की तरफ मुंह ताकते रहते हैं एवं राज्य सरकार अत्यधिक उधार भी ले चुके है

ऐसी स्थिति में कलाकार करे तो क्या करें, मैं आज माननीय मुख्यमंत्री, संस्कृति मंत्री एवं विभाग में बैठे सभी व्यक्तियों को यह अंतिम निवेदन कर रहा हूं कि कलाकारों को जल्द से जल्द आर्थिक मदद पहुंचाने की कोशिश की जाए नहीं तो आने वाले समय में भारतीय जनता पार्टी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की तरफ से उग्र आंदोलन किया जाएगा ।

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